जल प्रपाल की अविरल धारा से ढंका है गुफा का द्वार

जल प्रपाल की अविरल धारा से ढंका है गुफा का द्वार
The entrance of the cave is covered by the continuous stream of water channel

Rajkumar Yadav | Updated: 16 Sep 2019, 09:48:23 AM (IST) Dindori, Dindori, Madhya Pradesh, India

ताला के जंगल में है गोड़ घोघरा गुफा सह जल प्रपात

मेंहदवानी. जिले में पर्यटन की भरपूर संभावनाएं हैं जरुरत है तो इसे सजाने और संवारने की और अगर कुछ करने की मजबूत इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी असंभव नहीं। पर्यटन के क्षेत्र में जिले को अव्वल लाया जा सकता है। अगर इन पर्यटन स्थलों का विकाश किया जाए। इनके विकसित होने से जिले में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
यहां है सुंदर नजारा
जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी दूर विकास खंड मेंहदवानी के ग्राम पंचायत भलवारा के पोषक ग्राम ताला के जंगलों के बीच स्थित गुफा जिसका द्वार जल प्रपात स्वयं ढंककर बंद करता हो कुछ इस तरह का सुंदर नजारा देख लोगों के मन पुलकित हो उठते हैं। दो-दो खूबियों से सुसज्जित इस स्थल को 15-20 गांव के लोगों के अलावा यदा कदा लोग ही जानते हैं।
इसका भी है इतिहास
गोड़ घोघरा गुफा सह जल प्रपात का अपना इतिहास भी है। ग्राम ताला निवासी 65 वर्षीय धीरा सिंह बताते बताते हैं कि हमारे पिताजी और गांव के बड़े बुजुर्गों के द्वारा हमें जानकारी मिली थी कि गोड़ घोघरा की गुफा में अंग्रजों के अत्याचार से डर से 12 गांव के लोग अपने अपने मवेशियों सहित छुपकर रह रहे थे। अंग्रेज इन्हें महीनों नहीं ढूंढ़ पाये थे। एक दिन अंग्रेज जंगलों में ढूंढ़ते ढूंढते इस स्थान तक पहुंच गये और सुंदर स्थान देख यहां विश्राम कर रहे थे । दुर्भाग्य से उनके साथ रह रहा एक कुत्ता भोंकने लगा। अंग्रेज को भनक लग गयी कि जरुर यहां लोग छुपे होंगे और रुककर 4-5 बोरे मिर्च मंगाकर अंग्रेजों ने गुफा के मुहाने पर रखकर आग लगा दी थी। जिससे जितने भी लोग और मवेशी आए थे सभी की मौत हो गई थी।
छोर का अंत नहीं
गांव के 55 वर्षीय सुखदेव यादव बताते हैं कि मैं अपने साथियों सहित टार्च के सहारे 30-35 मीटर अंदर तक गया हूं। उसके आगे जंगली जानवरों के अवशेषों की दुर्गंध के कारण नहीं जाया जाता। इसी तरह मेंहदवानी निवासी 71 वर्षीय भुवन दास धनंजय जिनका बचपन इन्ही जंगलों और गांवों में गुजरा है वो कहते हैं हमारे बचपन के दिनों तक गुफा के अंदर शेर, जंगली सेही, सहित विभिन्न जानवर रहा करते थे जिन्हें शेर मारकर खाता था। उन्ही के अवशेष अंदर मौजूद हैं। गुफा की लम्बाई चौड़ाई अनंत है 10-12 किमी के दायरे में फैला है। बुजुर्ग बताते थे कि गुफा का दूसरा मुहाना खुरपार ओझा टोला के आस पास है। गुफा की वस्तुस्थिति तो विशेषज्ञ ही बता सकते हैं पर यह सत्य है कि इस गोड़ घोघरा गुफा सह जलप्रपात को शासन के संरक्षण की जरुरत है।
ऐसे पहुंचे गोड़ घोघरा
डिंडोरी से राई, राई से मेंहदवानी मार्ग के बीच ग्राम ताला 15 किमी की दूरी पर स्थित है। मुख्यालय मेंहदवानी से 12 किमी दूर राई मार्ग पर स्थित है।
&ऐसे सुंदर स्थल को विकसित कर पर्यटन से जोड़ा जाये जिससे मेंहदवानी सहित जिले का नाम होगा।
मुस्ताक खान, समाज सेवी, ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष
&इस स्थान के बारे में सुना है अगर शासन प्रशासन इस स्थल तक पहुंच मार्ग तथा साधन उपलब्ध कराये तो यकीनन क्षेत्र और जिले का विकास होगा।
राम गोपाल साहू, समाज सेवी व भाजपा नेता
&क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं जरुरत है रुचि लेकर इन स्थलों के विकास के लिए सभी को प्रयास करने की हम बात को आगे पहुंचाएंगे।
इन्द्रावती धुर्वे, जिला सदस्य

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