सरकारी स्कूलों में नहीं संवर रहा बच्चो का भविष्य

कहीं १२ बच्चों में दो शिक्षक तो कहीं अतिथि के भरोसे २१ छात्र

By: brijesh sirmour

Published: 09 Dec 2017, 05:25 PM IST

डिंडोरी. आधे से ज्यादा सत्र समाप्त होने के बाद भी शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। विभागीय अमले की उदासीनता और अपने चहेतों के फायदे के चलते नौनिहालों का भविष्य गर्त में समा रहा है। शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली को लेकर लंबे अर्से से सवाल उठते रहे हैं, जिन पर उच्च अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की बात कही तो जा रही है। लेकिन जमीनी तौर पर इसका असर कहीं देखने नहीं मिल रहा युक्तियुक्त को लेकर अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण और संलग्नीकरण खत्म करने को लेकर विभाग द्वारा फेरबदल करने एक लंबी सूची तो जारी की गई थी। लेकिन वास्तविक तौर पर सच कुछ और ही नजर आता है। शिक्षक विहीन शाला में शिक्षक की कमी साफ नजर आ रही है। वहीं शाला में अतिशेष के तौर पर शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण अमरपुर विकासखंड के भाखा गांव के टिकरा टोला में प्राथमिक शाला में 12 विद्यार्थी दर्ज हैं। जिन्हे पढ़ाने के लिए 2 नियमित शिक्षकों की पदस्थापना हैं। वहीं इस शाला से महज 5 सौ मीटर की दूरी में मोहनझिर प्राथमिक शाला में 21 विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी एक अतिथि शिक्षक के भरोसे है। शुक्रवार को भाखा के टिकरा टोला में संचालित प्राथमिक शाला में अजब नमूना देखने को मिला 12 विद्यार्थियों मे मात्र 4 विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे थे। जिन्हे एक ही कमरे मे बैठा शिक्षक रामपाल मार्को और डेमेश्वरी पटले पढ़ाने का जिम्मा सम्हाल रहे थे। वहीं आधा किलोमीटर की दूरी में मोहनझिर मे संचालित प्राथमिक शाला में दर्ज 21 विद्यार्थियों मे 19 उपस्थित थे और पहली से पांचवी तक की कक्षाएं एक ही कमरे में संचालित थीं। जिन्हे पढ़ाने एक अतिथि शिक्षक मौजूद था और सभी छात्र छात्राओं को अध्यापन कार्य करा रहा था। इस संबंध में अतिथि शिक्षक दिलीप सुरेश्वर में बताया कि सितंबर माह से पांच कक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी निभा रहा है। अन्य शिक्षक की पदस्थापना न होने के कारण एक साथ बैठा पांच कक्षाओं का पढ़ाना उसकी मजबूरी है। वहीं प्राथमिक शाला भाखा के टिकरा टोला में पदस्थ शिक्षक और शिक्षिका का जवाब था कि प्रशासन द्वारा उन्हे जिम्मेदारी सौंपी गई है और उनके द्वारा जिम्मेदारी निभाई जा रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को छात्रों की दर्ज संख्या और शिक्षकों की नियुक्ति की जानकारी है।

इनका कहना है
आपके द्वारा जानकारी मिली है, इस संबंध में बीईओ से चर्चा करने के बाद व्यवस्था दुरूस्त की जाएगी साथ ही युक्तियुक्त करण के माध्यम से शिक्षक विहीन संस्थाओं में इन शिक्षकों की पदस्थापना की जाएगी। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा व्यवस्था सुधारी जाएगी।
अनिल सोनी
डिप्टी कलेक्टर डिंडोरी।

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