प्रसूता को पलंग में लिटाकर पहुंचाया मुख्य मार्ग तक

प्रसूता को पलंग में लिटाकर पहुंचाया मुख्य मार्ग तक

Shiv Mangal Singh | Publish: Sep, 10 2018 04:16:12 PM (IST) Dindori, Madhya Pradesh, India

कस्बा गोरखपुर का मामला

गोरखपुर। करंजिया विकासखंड के अंतर्गत कस्बा गोरखपुर पंचायत के वार्ड 2 में निवास करने वाले लामू सिंह मार्को की बहू ममता पति वीरसिंह 23 वर्ष को रविवार की रात 3 बजे प्रसव पीड़ा शुरु हुई और सूर्योदय होते तक महिला की हालत काफी बिगड़ गई। जिस पर लामूसिंह ने तत्परता दिखाते हुए 108 को फोन लगाया और स्थिति से अवगत कराया। सूचना मिलते ही 108 रवाना भी हो गई लेकिन ऊबड़ खाबड़ कच्चा मार्ग के चलते लामू के घर तक एम्बुलेंस नही पहुंच पाई। ऐसी स्थिति में परिजनों ने प्रसूता को लगभग आधा किमी दूर खडे 108 वाहन तक पलंग पर लिटाकर लाए। इसके बाद ममता को गोरखपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया जहां से उसे गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
तीन किमी का कच्चा मार्ग
कस्बा के दीपक तेकाम ने बताया कि यह 3 किमी का मार्ग कच्चा है। बरसात के मौसम में इस मार्ग के आसपास निवास करने वाले लोग कच्चे मार्ग के चलते नारकीय जीवन जीने को मजबूर रहते है। पूरे मार्ग में कीचड और गड्डे इतने बड़े बड़े हो जाते हैं कि छोटे चार पहिया वाहन का ***** पूरा का पूरा इमने समा जाते हैं। जबकि परिवहन व आवागमन की दृष्टि से भी यह मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। क्योकि यहां से कुछ दूरी के बाद से अनुपपुर जिले की सीमा लग जाती है। शहडोल क्षेत्र की यात्रा करने वाले अनुपपुर जिले के तटवर्ती क्षेत्रों से विभिन्न कार्यो से आने जाने वाले लोग इसी मार्ग का उपयोग करते है। दिन भर में सैकड़ो लोग छोटे बडे वाहनों से यहां से गुजरते है। यहां तक कि स्कूली छात्रों, पैदल राहगीरों को गिरते पड़ते आना जाना पडता है। लेकिन आजादी के सात दशक बाद भी पक्के मार्ग का निर्माण नही हो सका है। वार्डवासियों ने बताया कि हमारे हमारे द्वारा अनेकों बार सांसद, विधायक और मुख्यमंत्री तक इस मार्ग के कच्चा होने तथा बरसात के दिनों के परेशानी से अवगत कराया गया है। प्रशासन भी अच्छे से जानती है परंतु समाधान अब तक नही हो सका है। यही कारण है कि अब इस मार्ग को बनने के लिये भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
चार माह नर्मदा स्नान में परेशानी
कस्बा के नर्मदा भक्तों ने बरसात के मौसम में नर्मदा नदी तक पहुंचने के लिये होने वाली मुसीबतों का खुल कर जिक्र करते हुए बताया कि बड़ी मुश्किलों का सामना करते हुये मां नर्मदा के नदी में स्नान करने पहुंचते है। नर्मदा स्नान करने जाने में फिसलकर गिर भी जाते हैं। इसके अलावा और कोई दूसरा मार्ग भी नही है या तो खेत के मेढों से जाना पडता है वो तो और भी दुखदायी हैं।

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