
हड्डियां बढ़ने से भी गर्दन में होता है दर्द
Cervical Spondylosis: एक मरीज छह साल से गर्दन की नसें खिंचने की समस्या से परेशान हैं। इससे उसकी गर्दन में तेज दर्द होता है और उसे लगता है कि ये नसें अपने आप खिंच रही हैं। नरम तकिया लगाने के साथ वह कई डॉक्टरों को दिखा चुका हैं लेकिन उसे आराम नहीं मिल रहा है। दूसरे केस में मरीज को कुर्सी से गिरने से सिर के पीछे वाले हिस्से में चोट लग गई थी और उसे चलने व कुछ भी पकड़ने में समस्या होती है। ये समस्याएं क्यों होती हैं और क्या है इनका इलाज, जानते हैं इस बारे में :-
मांसपेशियों में खिंचाव की कई वजह
गर्दन की नसों व मांसपेशियों में खिंचाव की आम वजह सर्वाइकल स्पॉन्डेलाइसिस होती है। इसमें गर्दन की हड्डियों से जुड़ी नसों में असंतुलन हो जाता या हड्डियां बढ़ जाती हैं। हड्डियों में कोई लचक या चोट आ जाए तो इनसे जुड़ी नसों में दर्द होता है। ऐसे मरीजों को किसी न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन को दिखाना चाहिए जो कि शुगर, कैल्शियम, फॉस्फोरस , विटामिन बी12, के लिए मरीज की खून की जांचें, हड्डियों के एमआरआइ से बीमारी की पहचान करते हैं।
गर्दन से जुड़ा है दर्द
सिर के पीछे वाले हिस्से में चोट की समस्या ब्रेन के साथ गर्दन से भी जुड़ी है। गर्दन के ऊपर ब्रेन के सेरिबेलम हिस्से में चोट से मरीज का रोटी खाते समय हाथ हिलेगा, निवाला मुंह तक पहुंचने में दिक्कत आएगी। ऐसा मसल्स कॉर्डिनेशन बिगड़ने से हो सकता है। मरीज की गर्दन व ब्रेन का एमआरआइ करवाया जाता है। चोट गर्दन में है या ब्रेन में इसकी जांच जरूरी है।
सही मुद्रा में बैठें
ऐसा दर्द मांसपेशियों में स्पास्ज्म की तकलीफ होने से भी होता है। जिसमें सर्दी लगती है या खिंचाव होता है। फिजियोथैरेपी से आराम मिल सकता है। कंप्यूटर के सामने बैठने की मुद्रा पर ध्यान रखना चाहिए। सर्द वातावरण से बचें, गर्दन पर ठंडी हवा न लगे।
Updated on:
13 Dec 2019 05:31 pm
Published on:
13 Dec 2019 05:31 pm
