छोटे घावों को न करें नजरअंदाज

छोटे घावों को न करें नजरअंदाज

लोहे से घाव होने पर जरा भी कोताही नहीं बरतनी चाहिए। वैसे टिटनेस किसी भी प्रकार के घाव में हो सकने वाला संक्रमण होता है, जो पूरे शरीर में फैलकर स्थिति को गंभीर बना सकता है।

घावों पर एंटीबैक्टीरियल क्रीम व टिटनेस का इंजेक्शन लगवाएं
अक्सर हम छोटे-मोटे घावों को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हैल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि घावों की अनदेखी ठीक नहीं। उन पर एंटीबैक्टीरियल क्रीम व साथ ही टिटनेस का इंजेक्शन जरूर लगवाना चाहिए। लोहे से घाव होने पर जरा भी कोताही नहीं बरतनी चाहिए। वैसे टिटनेस किसी भी प्रकार के घाव में हो सकने वाला संक्रमण होता है, जो पूरे शरीर में फैलकर स्थिति को गंभीर बना सकता है।
त्वचा पर संक्रमण का खतरा
मधुमेह रोगियों को कई और गंभीर बीमारियों के होने की आशंका बनी रहती हैं। ऐसे में उनके हाथ पैरों में सूजन आना, छोटी-छोटी चोट पर नीला पड़ना या फिर घाव होना आम बात है। मधुमेह रोगियों में त्वचा संक्रमण सबसे अधिक होता है, खासकर उस समय जब शुगर का लेवल बहुत अधिक बढ़ा हुआ हो। मधुमेह रोगियों की त्वचा बहुत ही संवेदनशील हो जाती है। जरा सी खरोंच भी गंभीर घाव का रूप ले लेती है। ऐसे में मधुमेह रोगियों को अपनी त्वचा की खास देखभाल करनी चाहिए। ऐसे में मधुमेह होने पर मधुमेह रोगों को त्वचा की देखभाल की खास हिदायत दी जाती है क्योंकि उन्हें सबसे अधिक खतरा त्वचा संक्रमण का रहता है।

 

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned