बीमारियों से बचाव वाली दवाएं रिपीट करके लेनी होती हैं

बीमारियों से बचाव वाली दवाएं रिपीट करके लेनी होती हैं

दवा को खुद या फिर किसी ओर की सलाह से न लें। इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेनी चाहिए।

बीमारी के बाद रिकवरी में लाभदायक
स्वाइन फ्लू व कई संक्रामक बीमारियां हैं जिनसे बचाव की दवाइयां होम्योपैथी में दी जाती हैं। ये दवाइयां बीमारी के बाद रिकवरी के लिए भी लाभदायक है। इससे शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है।
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कई मौसमी बीमारियों में हैं कारगर
स्वाइन फ्लू, डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, वायरल बुखार से बचाव के लिए होम्योपैथी कारगर है। स्वाइन फ्लू व वायरल बुखार में आर्सनिक एल्बम, डेंगू में यूपेटोरियम परफोलिएटम, चिकनगुनिया मेंं ब्रोयोनिया अल्बा, बेलाडोना व यूपेटोरियम परफोलिएटम एवं मलेरिया में नेट्रम म्यूर, यूकेलिप्टस, ग्लोब्यूलस व सिनकोना आफिसिनेलिस दवा अलग-अलग पोटेंसी में दी जाती हैं। इन दवाइयों को रोग के अनुसार लेना होता है। फिर अगले सप्ताह रिपीट करनी होती हैं। मरीज को होम्योपैथी की दवाएं डॉक्टर के सलाह के बाद लेनी चाहिए।

डॉ. कमलेंद्र त्यागी, होम्योपैथी विशेषज्ञ
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