आंखें फड़कना शगुन-अपशगुन नहीं, हो सकते हैं ये कारण

आंखें फड़कना शगुन-अपशगुन नहीं, हो सकते हैं ये कारण

Vikas Gupta | Updated: 17 Jun 2019, 05:32:29 PM (IST) डिजीज एंड कंडीशन्‍स

आंखों में मांसपेशियों से संबंधित समस्या होने पर भी आंख फड़कने लगती है।

आंखों का फड़कना यानी इससे जुड़ी मांसपेशियों का संकुचित होना। इसे आई ट्विचिंग कहते हैं। इसके कई कारण हैं जैसे अनिद्रा, कम रोशनी में काम करना, देर तक कम्प्यूटर पर काम करना। चाय, काफी, सोडा से दूरी बनाकर भी इस समस्या से बचा जा सकता है। तनाव के कारण भी आपकी आंख फड़कने की समस्या हो सकती है। जब तनाव के कारण आप अच्छे से सो नहीं पाते और आपकी नींद पूरी नहीं होती तब आंख फड़कने शुरू हो जाती है और कई दिनों तक फड़कती रहती है। आंखों में मांसपेशियों से संबंधित समस्या होने पर भी आंख फड़कने लगती है।

ऐसे बचें -
जोर से पलकें झपकाएं और कोमलता से आंखों की मसाज करें। गहरी नींद लें। आंखों की एक्सरसाइज करें। जैसे पुतलियों को ऊपर-नीचें या चारों तरफ घुमाएं। ऐसा धीरे-धीरे 2-3 मिनट तक करें। यदि आंखों का फड़कना न थमे तो नेत्र चिकित्सक से मिले क्योंकि इससे चेहरे की मांसपेशियां भी प्रभावित हो सकती हैं।

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