अच्छी आदतें जिनसे हाइपरटेंशन में संतुलित रहेगा बीपी

अच्छी आदतें जिनसे हाइपरटेंशन में संतुलित रहेगा बीपी

ब्लड प्रेशर प्रतिदिन व प्रति घंटे बदलते रहता है। ज्यादा काम करने, भय, चिंता, शोक, क्रोध, व्यायाम आदि से ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ जाता है। यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर, सामान्य स्थिति में नियमित रूप से ज्यादा आता है तो इसे हाइपरटेंशन कहते हैं।

सावधानियां बरती जाएं तो ब्लड प्रेशर कम किया जा सकता है
हाइपरटेंशन एक गम्भीर बीमारी है जो एक साइलेंट किलर की तरह काम करती है। हृदय शरीर के अंगों को रक्त पहुंचाने का कार्य करता है। रक्त प्रवाह के समय हृदय एक दबाव पैदा करता है। इस दबाव को ब्लड प्रेशर कहते हैं। एक सेहतमंद आदमी के लिए सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर (ऊपर का लेवल) 120 (एमएमएचजी) होता है और डायास्टॉलिक ब्लड प्रेशर (नीचे का लेवल) 80 होता है। जब सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 140 या इससे ऊपर और डायास्टॉलिक 90 या इससे ऊपर हो जाता है, तब इसे हाइपरटेंशन कहते हैं। हाइपरटेंशन से शरीर में कई दूसरी समस्याएं होने लगती हैं। यदि कुछ सावधानियां बरती जाएं तो ब्लड प्रेशर को 4 से 14 (एमएमएचजी) तक कम किया जा सकता है।
ऐसे करें बीपी नियंत्रित
सामान्यत: वजन बढऩे से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। वजन बढऩे से सोते समय श्वास में रुकावट होती है इसे स्लीप ऐप्निया कहते हैं। शरीर का वजन कम करने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित शारीरिक गतिशीलता रखनी चाहिए। रोजाना 30 मिनट तेज कदमों से चलना, जोगिंग, साइकिलिंग, तैराकी आदि करने से ब्लड प्रेशर 4-9 (एमएमएचजी) तक कम हो जाता है। हाइपरटेंशन की प्रारम्भिक अवस्था में प्रतिदिन व्यायाम करने से लाभ होता हैं।
आहार में मोटा अनाज, फल, सब्जियां होनी चाहिए तथा वसा युक्त खाद्य पदार्थ कम मात्रा में होने चाहिए। इस तरह के आहार से करीब 14 (एमएमएचजी) तक ब्लड प्रेशर कम किया जा सकता है।
नमक की मात्रा को नियंत्रित करके 2-8 (एमएमएचजी) तक ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। सामान्यत: प्रतिदिन एक सामान्य व्यक्ति को 5 ग्राम से कम तथा हाइपरटेंशन के मरीजों को प्रतिदिन 2 ग्राम से कम मात्रा में नामक को आहार के साथ लेना चाहिए।
मानसिक अवसाद से दूर रहें। प्रतिदिन योग के साथ ही स्ट्रेस कम करके खेल व मनोरंजन में रुचि बढ़ाएं।
लक्षण
सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, गर्दन में दर्द, चक्कर आना, शरीर में गर्मी का एहसास, जी घबराना, उल्टी आना, नकसीर आना, सांस फूलना, अनियमित धड़कन, गुर्दो का काम कम करना आदि प्रमुख लक्षण है।

डॉ. हेमंत चतुर्वेदी कार्डियोलॉजिस्ट

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned