जानिए, कैंसर से जुड़ी छोटी-छोटी बातें

चालीस प्रतिशत से भी ज्यादा कैंसर रोग का सीधा ताल्लुक हमारी जीवन शैली और दिनचर्या से है

इसे भले ही लोगों की बदलती जीवन शैली का नकारात्मक प्रभाव कहें या फिर या हमारी आरामतलबी का नमूना लेकिन सच्चाई यही है कि कैंसर जैसी भयानक बीमारी अब लोगों में आम देखने को मिलने लगी है। पहले जहां गाहे-बहाए कैंसर मरीजों की चर्चा सुनने में आती थी, वहीं अब आस-पड़ौस में ऎसे कई मामले देखने को मिल जाते हैं। कैंसर होने की क्या वजह हो सकती हैं, कैंसर होने पर क्या प्राथमिक उपचार किया जा सकता है और किन चीजों से सावधानी बरतनी चाहिए। ऎसे कई विषयों पर हमने कैंसर रोग विशेषज्ञ से बातचीत की और उनसे उनकी राय जानी।

कैंसर के तेजी से बढ़ने की क्या प्रमुख वजह हैं?
कैंसर रोग का सीधा ताल्लुक हमारी जीवन शैली और दिनचर्या से है। मुख्यतया तंबाकू सेवन, शराब सेवन, मोटापा, अत्यधिक वसा एवं मांसाहारी भोजन से कैंसर के होने की संभावना इन दिनों तेजी से बढ़ रही हैं। लोगों को चाहिए कि इन चीजों पर लगाम लगाएं और सुखद जीवन जीएं।

तंबाकू से कैंसर का सीधा संबध है?
चालीस प्रतिशत से भी ज्यादा कैंसर रोग का सीधा ताल्लुक हमारी जीवन शैली और दिनचर्या से है। बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, जर्दा, खैनी एवं पान-मसाला खाने से मुंह, गाल एवं गले के कैंसर की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इन वस्तुओं से दूर रहने में ही मुंह की भलाई है।

क्या मांसाहारी भोजन से कैंसर का कोई संबंध है?
मांसाहारी भोजन का अधिक सेवन करने से, ज्यादा तला-भुना खाना खाने से, जंक फूड एवं कम फाइबर वाली चीजें खाने से आंतों का कैंसर ज्यादा होने का डर रहता है। ऊपर से आजकल की जीवन शैली इस तरह की है कि खाने के बाद पाचन में भी बहुत समस्याएं रहती हैं।

क्या संक्रमण से कैंसर का कोई संबध है?
सरवाइकल कैंसर का सीधा संबध इंसान के जननांगों से है। ह्यूमन पैपीलोमा वायरस एचपीवी 16 एवं 18 से की उम्र से बच्चेदानी के मुंह का कैंसर होने का सबसे ज्यादा डर रहता है। इस उम्र में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खास तौर पर घर की महिलाओं को। एक बार कैंसर होने के बाद परेशानी का सामना करना पड़ता है।

क्या स्तनपान से कैंसर का कोई संबध है?
जो महिलाएं अपने बच्चों को अपना दूध नहीं पिलाती हैं, उन महिलाओं में स्तन कैंसर का रिस्क उन महिलाओं की तुलना में ज्यादा होता है, जो महिलाएं बच्चों को स्तनपान क राती हैं। महिलाओं को बच्चों का स्तनपान कराना चाहिए। यह माता एवं बच्चे दोनों के लिए अच्छा है।

मोटापे का भी कैंसर से कोई ताल्लुक है?
मोटे लोगों में स्तन कैंसर एवं पेट के कैंसर की संभावना सबसे ज्यादा होती है। मोटापे से कोलेस्ट्रॉल संबधी समस्याएं पैदा होती है। दिल की बीमारियों का खतरा भी सबसे ज्यादा होता है। इसलिए मोटापे को तो बिल्कुल ही अवॉयड करना चाहिए। हर रोज कुछ समय के लिए ही नियमित व्यायाम को जीवन की प्राथमिकताओं में शामिल करना चाहिए। खासतौर पर बड़ी उम्र के लोगों के लिए।

कैंसर से बचाव का कोई सीधा टीका उपलब्ध है?
सरवाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन बाजार में उपलब्ध है। यह तीन डोज, पहले से छठे महीने के अंतर से दिया जाता है। यह टीका 11 से 40 वर्षों तक की महिलाओं को लगाया जा सकता है। इससे कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।

डॉ. ललित मोहन शर्मा, वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ,
भगवान महावीर कैंसर अस्पताल, जयपुर
दिव्या सिंघल
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