रोगों से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

रोगों से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

मौसम बदलने के साथ ही मच्छरों की तेजी से बढ़ती संख्या, मक्खी या अन्य कीटों और दूषित खानपान से रोगों का खतरा बढऩे लगता है।

मच्छर : डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया फैलाने वाले मच्छर इस मौसम में तेजी से पनपने लगते हैं और रोगों का कारण बनते हैं।
मक्खी : मक्खी या अन्य प्रकार के कीट गंदे स्थानों पर बैठते हैं और फिर खानपान की चीजों को प्रदूषित कर उल्टी, दस्त, पेटदर्द व पीलिया जैसी बीमारियों की वजह बनते हैं।
दूषित खानपान : सड़े-गले फल और सब्जियां टायफॉइड, उल्टी, दस्त, पेटदर्द व पीलिया (हेपेटाइटिस-ए व ई) का कारण बनती हैं।
प्रमुख सावधानियां :
फल और सब्जियां खरीदते समय ध्यान दें कि वे साफ-सुथरी व सड़ी या गली हुई न हों। इन्हें प्रयोग में लेने या फ्रिज में स्टोर करने से पहले अच्छी तरह धोना चाहिए।
पूरी तरह से पका हुआ भोजन खाएं। पके हुए भोजन को फ्रिज में रखने की व्यवस्था न हो तो सात से आठ घंटे के बाद इसे न खाना ही बेहतर होगा।
दूध व दूध से बनी चीजों को 24 घंटे के भीतर की इस्तेमाल कर लें जैसे पनीर, दही आदि।
खानपान की चीजों को अच्छी तरह से ढककर रखें।
घर के आसपास गंदा पानी एकत्र न होने दें। कूलर आदि का पानी समय-समय पर साफ करते रहें। गमलों, ट्यूब और पुराने टायर आदि में बारिश का पानी जमा न होने दें।
मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी या मोसकिटो रेपलेंट (क्रीम और कॉइल) का इस्तेमाल करें।
खुद को पूरी तरह से कवर रखें।
मार्केट में बिकने वाले फ्रूट चाट, गन्ने का रस, पोहा व अन्य खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। खरीदने पड़ें भी तो साफ-सफाई वाली जगह ही चुनें।
डॉ. आर.एस. खेदड़, वरिष्ठ विशेषज्ञ, इंटरनल मेडिसिन

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