स्तन की गांठ को न करें अनदेखा, हो सकती है खतरनाक बीमारी

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा प्रमुख कैंसर

ने शनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के अनुसार भारत में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा प्रमुख कैंसर है। इसके ज्यादातर मामले शहरी महिलाओं में देखने को मिलते हैं। बदलती जीवनशैली व खराब खानपान इसके मुख्य कारण हैं। इस वजह से कई बार हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं जिससे इसके होने की आशंका बढ़ जाती है। नई दिल्ली के मेडिकल ओंंकोलॉजी के सीनियर कंसलटेंट बता रहे हैं इसके बारे में-

प्रमुख लक्षण -
ब्रेस्ट में सूजन या त्वचा में परिवर्तन, अंडर आम्र्स के आसपास गांठ महसूस होना, ब्रेस्ट से डिस्चार्ज व आकार बदल जाना, ब्रेस्ट की त्वचा पर छोटे-छोटे चकत्ते, हमेशा हल्का दर्द रहना, छूने पर ब्रेस्ट की त्वचा शरीर की तुलना में अधिक गर्म होना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।

जरूरी जांचें -
मेमोग्राफी (एक प्रकार का एक्स-रे) या अल्ट्रासाउंड के जरिए गांठ का पता लगाया जाता है। संदेह होने पर डॉक्टर एफएनएसी या बायोप्सी करवाकर यह निश्चित करते हैं कि अमुक गांठ कैंसर की है या नहीं।

इसलिए बढ़ते हैं मामले -
मेमोग्राफी (एक प्रकार का एक्स-रे) या अल्ट्रासाउंड के जरिए गांठ का पता लगाया जाता है। संदेह होने पर डॉक्टर एफएनएसी या बायोप्सी करवाकर यह निश्चित करते हैं कि अमुक गांठ कैंसर की है या नहीं।

ऐसे कर सकते हैं बचाव -
धूम्रपान से से पूरी तरह परहेज करें।
शरीर का वजन नियंत्रित रखें। इसके लिए अपने खानपान, जीवनशैली में परिवर्तन लाएं। रोजाना व्यायाम व प्राणायाम करें।
शाकाहारी भोजन लें क्योंकि हरी सब्जियों में फाइटोन्यूट्रिएंंट्स होते हैं जो इसके खतरे को कम करते हैं।
गर्भनिरोधक दवाओं को अधिक लेने से बचें।
हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी के दौरान विशेषज्ञ से इसके साइडइफैक्ट के बारे में अवश्य जान लें क्योंकि यह भी कई बार ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनती है।
बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी तरह की दवा न लें।

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विकास गुप्ता
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