आंखों के नीचे काले धब्बे और बदसूरत चेहरे के लिए जिम्मेदार है शरीर का ये अंग

आंखों के नीचे काले धब्बे और बदसूरत चेहरे के लिए जिम्मेदार है शरीर का ये अंग

Vikas Gupta | Publish: Dec, 17 2018 02:25:33 PM (IST) | Updated: Dec, 17 2018 02:25:34 PM (IST) डिजीज एंड कंडीशन्‍स

आइए जानते हैं शरीर के इस उपयोगी अंग के बारे में।

यकृत, जिगर, लिवर या कहें कि कलेजा पेट के ऊपरी दाएं भाग में स्थित शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है, जो पाचन के लिए जरूरी बाइल रस का निर्माण करती है, रक्तको साफ करती है और शरीर में मौजूद ऊर्जा का ग्लाइकोजिन के रूप में स्टोरेज करती है। आइए जानते हैं शरीर के इस उपयोगी हिस्से के बारे में।

त्वचा के बाद लिवर हमारे शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है। अकेला लिवर 500 से ज्यादा अलग-अलग तरह के कार्य करता है, जिसमें संक्रमण से रक्षा, विषैले तत्वों के असर को कम करना और खून का थक्का जमाना शामिल है। किसी भी समय लिवर में शरीर के कुल रक्त का 10 प्रतिशत होता है और यह प्रति मिनट 1400 मिलिलीटर रक्त को पम्प करता है। लिवर एक मात्र ऐसा अंग है जो अपना पुनर्निमाण कर सकता है। यही कारण है कि कोई व्यक्ति किसी जरूरतमंद को अपने लिवर का एक हिस्सा ट्रांसप्लांट के लिए दे सकता है।
लिवर एक बैट्री की तरह कार्य करता है, इसमें शर्करा या कार्बोहाइड्रेट इक्कठा होती है और जब भी शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है, ये प्रयोग में आती है। यदि लिवर में यह ऊर्जा जमा ना हो, तो रक्त में शर्करा का स्तर एकदम से गिर जाता है और व्यक्ति बेहोश हो जाता है।

लिवर में गड़बडी़ के लक्षण -
थकान भरी आंखें और नीचे काले धब्बे
पाचन तंत्र में खराबी
कुछ भी हजम नहीं होना
त्वचा पर सफेद धब्बे
त्वचा का रंग उड़ जाना
हर रोज गहरे रंग का पेशाब या मल
आंखों का सफेद भाग पीला नजर आना
मुंह से गंदी बदबू आना, स्वाद बिगडऩा
लिवर के बढऩे से पेट में सूजन

प्रमुख रोग -
हैपेटाइटिस ए, बी और सी, लिवर में सूजन, सिरोसिस (लिवर का सिकुड़ना), नेक्रोसिस( लिवर की कोशिकाओं का खत्म होना), पीलिया, पथरी, पित्ताशय और पित्तवाहिनी का कैंसर

लिवर और एड्स-
एड्स के बाद लिवर की बीमारियां सबसे जानलेवा हैं और एचआईवी से पीड़ित लोग अक्सर लिवर रोगों से पीड़ित देखे जाते हैं। एचआईवी से पीड़ित लोगों में लिवर रोगों से पीड़ित होने की आशंका सामान्य लोगों की तुलना में 6.5गुना ज्यादा होती है। ज्यादा शराब पीने वालों को लिवर की बीमारियों का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में दोगुना अधिक होता है।

सावधानियां -
एल्कोहल/शराब की मात्रा न्यूनतम करते हुए छोड़ दें।
सेहतमंद आहार और व्यवस्थित दिनचर्या रखें।
नियमित रूप से आधा घंटा एक्सरसाइज जरूर करें।
हैपेटाइटिस रोगों से मुकाबले के लिए वैक्सीनेशन जरूर करवाएं।
हैपेटाइटिस से ग्रसित किसी व्यक्तिके संपर्क में आई सुई के प्रयोग से बचें।

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