बच्चे की हैंडराइटिंग से जानें कहीं वो टेंशन में तो नहीं

बच्चे की हैंडराइटिंग से जानें कहीं वो टेंशन में तो नहीं

Vikas Gupta | Publish: Jan, 06 2019 03:35:02 PM (IST) | Updated: Jan, 06 2019 03:35:03 PM (IST) डिजीज एंड कंडीशन्‍स

बच्चों की हैंडराइटिंग से उनके मन में छिपी टेंशन या मानसिक दबाव का पता लगाकर उपचार किया जा सकता है

बच्चों की हैंडराइटिंग से उनके मन में छिपी टेंशन या मानसिक दबाव का पता लगाकर उपचार किया जा सकता है। कई स्कूल प्रबंधकों ने अपने छात्रों पर हैंडराइटिंग थैरेपी के प्रयोग किए तो इस बात की पुष्टि भी हो गई। इसमें बच्चे द्वारा लिखे अक्षर की बनावट, आकार, दबाव, लहर आदि का विश्लेषण होता है।

यदि बच्चा किसी पंक्ति में जगह छोड़कर अगली पंक्ति में लिखना शुरू करता है तो उसमें धैर्य व एकाग्रता की कमी है। कई बच्चे शब्दों को दबाव देकर लिखते हैं, ऐसे बच्चे अपने आस-पास के माहौल से परेशान होते हैं।

ये भी होते हैं लक्षण -
यदि बच्चा अपने लिखे हुए को बार-बार काटे या उसे नाखून से खरोंचकर उस पर फिर से लिखने लगे तो ऐसी स्थिति में उसमें आत्मविश्वास की कमी होती है। इन हालात में माता-पिता बच्चों को डांटने की बजाय उसके साथ प्यार से पेश आएं। बच्चे के साथ दोस्त जैसा बर्ताव करें और उससे स्कूल या ट्यूशन में आ रही दिक्कतों के बारे में पूछें।

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