उपाय जो बनेंगे सुरक्षा कवच

उपाय जो बनेंगे सुरक्षा कवच

Jitendra Kumar Rangey | Publish: May, 02 2019 11:24:49 AM (IST) | Updated: May, 02 2019 11:24:50 AM (IST) डिजीज एंड कंडीशन्‍स

ऑन्कोलॉजिस्ट व अमरीका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में सिडनी किमेल कॉम्प्रीहेंसिव कैंसर सेंटर के निदेशक विलियम नेल्सन ने युवाओं को कुछ सूत्र बताए हैं जिन्हें अपनाकर वे कैंसर से 20 सालों तक खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

सामूहिक रूप से कैंसर को रोकने व इससे लड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं
लोग व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से कैंसर को रोकने व इससे लड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके प्रति जागरुकता फैलाने के लिए लोग सोशल साइट्स पर हाथों में 'वी कैन आई कैन लिखकर इसका प्रचार कर रहे हैं। ऑन्कोलॉजिस्ट व अमरीका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में सिडनी किमेल कॉम्प्रीहेंसिव कैंसर सेंटर के निदेशक विलियम नेल्सन ने भी युवाओं के लिए कुछ सूत्र बताए हैं जिन्हें अपनाकर वे कैंसर से 20 सालों तक खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
तंबाकू-सिगरेट से पूरी तरह दूरी
जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें फेफड़ों के कैंसर की आशंका अन्य लोगों की तुलना में 25 प्रतिशत तक अधिक होती है। इसके अलावा तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों का प्रयोग करने वाले लोगों में गले, ब्लैडर, गर्भाशय, आंतों व पेट सहित 18 प्रकार के कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है।
हैल्दी लाइफस्टाइल से 10-15 प्रतिशत बचाव
जरूरत से ज्यादा वजन न बढऩे दें। इसके लिए करीब आधा घंटा रोजाना एक्सरसाइज करें। साथ ही ज्यादा तले-भुने, मीठे व ऐसे खाद्यपदार्थों से परहेज करें जो वजन बढ़ाते हैं। अल्कोहल से पूरी तरह बचें। माना जाता है कि हैल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर कैंसर की आशंका को 10-15 प्रतिशत तक व इससे होने वाली मृत्युदर को 20-25 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
फैमिली हिस्ट्री होने पर
अन्य लोगों की तुलना में खतरा अधिक, डॉक्टर की सलाह से समय-समय पर स्क्रीनिंग से सुरक्षित रह सकते हैं।
दो सप्ताह से अधिक लक्षण तो खतरा
डॉक्टरी राय : उपरोक्तबातों के अलावा कुछ अन्य लक्षण यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें तो विशेषज्ञ से परामर्श करें
अधिक खांसी या कफ में लंबे समय तक लगातार खून आना फेफड़ों के कैंसर और मलद्वार से ब्लीडिंग होना आंत या मलद्वार के कैंसर का संकेत हो सकते हैं।
महिलाओं में मेनोपॉज के बाद दोबारा ब्लीडिंग गर्भाशय के कैंसर का इशारा हो सकती है।
तेजी से वजन गिरने या शरीर के किसी अंग में दर्दरहित गांठ होने पर देर किए बगैर चिकित्सक से परामर्श करें क्योंकि समय रहते बीमारी का पता चलने पर इलाज आसानी से किया जा सकता है।
डॉ. नरेश सोमानी, वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ

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