ऑस्टियो आर्थराइटिस में कारगर है होम्योपैथी

ऑस्टियो आर्थराइटिस में कारगर है होम्योपैथी

घुटने के जोड़ का साइनोवियल फ्लूड कम होने से मांसपेशियों में अकडऩ आ जाती है। उठने-बैठने व चलने-फिरने में असहनीय दर्द होने लगता है।

शुरुआत में इलाज न हो तो समस्या गंभीर हो जाती है
40 साल की उम्र के बाद करीब 60 फीसदी लोगों को घुटनों में दर्द की समस्या हो सकती है। घुटने के जोड़ का साइनोवियल फ्लूड कम होने से मांसपेशियों में अकडऩ आ जाती है। उठने-बैठने व चलने-फिरने में असहनीय दर्द होने लगता है। इसे ही ऑस्टियो आर्थराइटिस कहा जाता है। यदि शुरुआत में इलाज न हो तो समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में घुटने का प्रत्यारोपण एकमात्र विकल्प माना जाता है। ऐसे में होम्योपैथिक उपचार इस रोग में मददगार हो सकता है।
कारण: शारीरिक श्रम की कमी, लंबे समय तक खड़े रहना, व्यायाम न करना, पेट की पुरानी बीमारी।
उपचार: मरीज को बारिश के मौसम में जब ज्यादा दर्द होता है तो रसटोक्स दवा दी जाती है। किसी भी प्रकार की गतिविधि में दर्द महसूस होने पर ब्रायोनिया दवा देते हैं। मरीज को दर्द के साथ चक्कर आने पर कोकुलम दवा लेने की सलाह देते हैं।
ऐसे करें बचाव
नियमित रूप से व्यायाम करें। योग को रुटीन में शामिल करें। ठंडे पेयपदार्थ, डिब्बाबंद खानपान, अधिक तले-भुने और खट्टे खाद्य पदार्थों से परहेज करें। वजन न बढऩे दें। कैल्शियमयुक्त पदार्थों जैसे दूध, केला, सीताफल अधिक खाएं।
डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर व थायरॉइड होने पर विशेषज्ञ की सलाह से टैस्ट कराएं।
डॉ. भास्कर शर्मा, होम्योपैथिक चिकित्सक

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