मनोरोग का लक्षण आक्रामक व्यवहार

मनोरोग का लक्षण आक्रामक व्यवहार

'अग्रेसिव' लेटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ 'हमला' होता है। लोगों में अग्रेसिवनेस कई तरह से दिखाई देती है। किसी के उकसाने पर दूसरे पर किया जाने वाला हिंसक हमला अग्रेसिव व्यवहार का ही एक प्रकार है।

सामान्य व्यवहार न होकर मानसिक बीमारी का लक्षण बन जाता है

इंसान के व्यवहार में बदलाव स्वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन यह बदलाव आक्रामक रूप ले ले तो यह सामान्य व्यवहार न होकर मानसिक बीमारी का लक्षण बन जाता है। 'अग्रेसिव' लेटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ 'हमला' होता है। लोगों में अग्रेसिवनेस कई तरह से दिखाई देती है। किसी के उकसाने पर दूसरे पर किया जाने वाला हिंसक हमला अग्रेसिव व्यवहार का ही एक प्रकार है।

क्या है बीमारी?
आक्रामक व्यवहार को समय रहते न रोका जाए तो वह हिंसा का रूप ले लेता है। पुरुषों के बजाय महिलाओं व बच्चों का व्यवहार ज्यादा आक्रामक होता है। घर का माहौल, नकारात्मक सोच, पारिवारिक कलेह अािद इसकी वजह हैं। कई शोधों में पाया गया कि यह एक मनोवैज्ञानिक रोग का लक्षण है।
सामाजिक प्रभाव
व्यक्ति का व्यवहार जटिल प्रक्रिया है। जो दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर, हार्मोन व जेनेटिक प्रक्रिया के संतुलन से नियंत्रित होता है। इनमें से किसी एक में भी असंतुलन, व्यवहार आक्रामक कर देता है। समाज, संस्कृति, मीडिया भी व्यवहार पर असर करते हैं। आज का युवा संयम, सहनशीलता खोकर हिंसक रास्ता अपना रहा है।
रोकथाम के उपाय
'पॉजिटिव एडॉप्शन' सिद्धांत यानी सकारात्मक सोच को अपनाकर और काउंसलिंग से इस पर काबू पा सकते हैं।
डॉ. नगेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ न्यूरोसर्जन

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned