माहवारी के दौरान ज्यादा दर्द होने पर कारगर है ये उपचार

माहवारी के दौरान ज्यादा दर्द होने पर कारगर है ये उपचार

Vikas Gupta | Publish: Jan, 13 2019 05:54:06 PM (IST) डिजीज एंड कंडीशन्‍स

अधिकतर यह समस्या 14-25 वर्ष की लड़कियों में हॉर्मोंस के बदलाव के कारण होती हैं।

महिलाओं में माहवारी के समय पेट के नीचले हिस्से में थोड़ा दर्द होना नॉर्मल है। यदि दर्द ज्यादा होने लगे और आप दैनिक कार्य भी न कर पाएं तो यह डीसमीनोरीया की समस्या हो सकती है। अधिकतर यह समस्या 14-25 वर्ष की लड़कियों में हॉर्मोंस के बदलाव के कारण होती हैं। हॉर्मोनल गड़बड़ी के कारण महिलाओं ज्यादा ब्लीडिंग व पेड़ू में दर्द की समस्या होती है।

लक्षण : पेट के निचले हिस्से, नाभि के हिस्से व जांघों में अत्यधिक दर्द होना, दर्द के साथ उबकाई व उल्टी आना, कब्ज या दस्त होना, सिरदर्द के साथ चक्कर आना, अत्यधिक थकान व बेहोशी आना आदि इस रोग के लक्षण माने जाते हैं। यह दर्द उम्र के साथ व अधिकतर मामलों में गर्भावस्था के बाद कम हो जाता हैं। दर्द का कारण ऑवरीज या यूट्रस में गांठें और पैल्विक इंफेक्शन भी हो सकता हैं।

विशेषज्ञ की राय -
होम्यौपैथी में इसके लिए कॉलोफायलम, सिमिसीफूगा, बेलाडोना, कोलोसिंथ, मेग फास, सिकील कोर आदि दवाएं दी जाती हैं। ध्यान रहे पेनकिलर्स व अन्य हार्मोनल दवा ब्लीडिंग को बाधित कर सकती है। याद रखें कोई भी दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

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