World Hypertension Day 2019 - साइलेंट किलर है हाइपर टेंशन, जानें इसके बारे में

World Hypertension Day 2019 - साइलेंट किलर है हाइपर टेंशन, जानें इसके बारे में

Vikas Gupta | Publish: May, 17 2019 01:23:51 PM (IST) डिजीज एंड कंडीशन्‍स

World Hypertension Day 2019, World Hypertension Day, Hypertension Day, World Hypertension - एक अनुमान कि अनुसार 50 वर्ष की आयु से पूर्व पुरुषों में पचीस प्रतिशत और महिलाओं सोलह प्रतिशत हाइपर टेंशन की समस्या होती है।

World hypertension day 2019, World Hypertension Day, Hypertension Day, World Hypertension - एक अनुमान कि अनुसार 50 वर्ष की आयु से पूर्व पुरुषों में पचीस प्रतिशत और महिलाओं सोलह प्रतिशत हाइपर टेंशन की समस्या होती है। पुरुषों में हाइपर टेंशन के ज्यादा दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं क्योंकि कुछ पुरुषों में धूम्रपान एवं शराब का सेवन आम है। हाइपरटेंशन एक गम्भीर बीमारी है जो एक साइलेंट किलर की तरह काम करती है। World Hypertension Day के मौके पर आइये जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें।

हाइपर टेंशन के कारण -

हृदय शरीर के सभी अंगो को रक्त को पहुंचाने का कार्य करता है। इसी रक्त प्रवाह के समय हृदय एक दबाव पैदा करता है। इस दबाव को ब्लड प्रेशर कहते हैं। एक सेहतमंद आदमी के लिए ब्लड प्रेशर सिकुड़ने (सिस्टालिक) के समय 120 (एमएमजीएच) होता है और आराम (डाइयस्टॉलिक) कि स्थिति में 80 होता है। जब आपका सिस्टालिक ब्लड प्रेशर140 या इससे ऊपर और डाइयस्टॉलिक ब्लड प्रेशर 90 या इससे ऊपर हो जाता है, तब उसे हाइपर टेन्शन कहते है। प्रत्येक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर प्रतिदिन और प्रति घंटे बदलते रहता है। ज्यादा काम करने, भय, चिंता, शोक, क्रोध, व्यायाम इत्यादि अवस्था में रक्तचाप कुछ समय के लिए बढ़ जाता है। इसीलिए यदि किसी व्यक्ति का रक्तचाप, सामान्य स्थिति में नियमित रूप से ज्यादा आता है तब डॉक्टर उसे हाइपर टेंशन कहते हैं। हाइपरटेंशन एक गम्भीर बीमारी है जो की एक साइलेंट किलर की तरह काम करता है।

हाइपर टेंशन लक्षण -
सरदर्द होना, धुंधला दिखाई देना, गर्दन में दर्द, चक्कर आना, शरीर में गर्मी का एहसास, जी घबराना, उल्टी आना, नकसीर आना, सांस फूलना, अनियमित धड़कन, गुर्दो का काम कम करना आदि प्रमुख लक्षण है। इन सभी के साथ लम्बे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़े रहने से रक्त नालिकाओ की दीवारें मोटी एवं कठोर हो जाती है। उनमें कोलेस्टरॉल का जमाव बढ़ जाता है जिससे हार्ट अटैक का अंदेशा बढ़ जाता है। दिमाग की रक्त नालिकाओ में दबाव बढ़ जाने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। दिमागी पक्षाघात होने की रिस्क बढ़ जाती है। तीस वर्ष कि आयु के बाद और यदि आपका वजन ज्यादा है या आपके परिवार में किसी को उच्च रक्तचाप है, तो 20 वर्ष आयु के बाद साल में कम से कम एक बार अपने रक्तचाप कि जांच डॉक्टर से करवाएं।

हाइपर टेंशन से बचाव -
जीवन शैली में कुछ बदलाव करके हाइपरटेंशन से बचाव किया जा सकता है। साथ ही स्वस्थ जीवन शैली को अपना कर हाइपर टेंशन के लिए ली जाने वाली दवाओं को बंद किया जा सकता है या उनकी मात्रा को कम किया सकता है। कुछ आसान उपाय जिनसे आसानी से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है, इस तरह से हैं।

- सामान्यत: शरीर का वजन बढ़ने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। अधिक वजन हो जाने से सोते समय श्वास में रुकावट पैदा करता है जिसे स्लीप ऐप्निया भी कहते है। यह भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने का एक मुख्य कारण होता है। इसलिए शरीर का वजन काम करने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही कमर पर ज्यादा चरबी जमा होने से भी ब्लड प्रेशर बढ़ने का रिस्क बढ़ जाती है।
- नियमित शारीरिक गतिशीलता रोजाना 30 मिनट, हफ्ते के अधिकतर दिन क़ायम रखने से हमारा ब्लड प्रेशर 4-9 (एमएमजीएच) तक काम हो जाता है। परंतु इसे लगातार बनाए रखना जरूरी है। यदि हाइपर टेंशन की प्रारम्भिक अवस्था में हैं, तो प्रतिदिन व्यायाम करने से हाइपर टेन्शन होने से बचा जा सकता है। तेज कदमो से चलना, जोगिंग, साइक्लिंग, तैराकी आदि करने से लाभ होता हैं।
-स्वस्थ आहार जिसने भरपूर मोटा अनाज, फल, सब्जियां होने चाहिए तथा वसा युक्त खाद्य पदार्थ कम मात्रा में होने चाहिए। इस तरह के आहार से लगभग 14 (एमएमजीएच) तक तक ब्लड प्रेशर काम किया जा सकता है।
- आहार में नमक की मात्रा को नियंत्रित करके 2-8 (एमएमजीएच) तक ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। सामान्यत: प्रतिदिन 5 ग्राम से कम तथा हाइपर टेंसिव मरीजों को प्रतिदिन 2 ग्राम से कम मात्रा में नामक का उपयोग आहार में करना चाहिए।
- धूम्रपान ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है अत: धूम्रपान को पूरी तरह बन्द कर के ब्लड प्रेशर कम किया जा सकता है।
- लम्बे समय से चल रहा मानसिक अवसाद भी हाई ब्लड प्रेशर का एक प्रमुख कारण है। इसके लिए जरूरी है कि अवसाद की अवस्था से बचा जाए। प्रतिदिन योग अभ्यास एवं गहरी श्वास की प्रक्रिया को दुहराना चाइए। साथ ही जीवन में स्ट्रेस को दूर रखे। खेल व मनोरंजन में रुचि बढ़ायें।
- घर पर नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर नापते रहें।

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