कोरोना पॉजिटिव की निजी अस्पताल में सर्जरी, घर में रहने की सलाह देकर किया डिस्चार्ज

हर्निया फसने से गंभीर स्थिति में पहुंचे एक मरीज का शहर के निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। उक्त मरीज कोरोना पॉजिटिव ( covid 19 ) चिन्हित हुआ। हालांकि मरीज पूर्णतया स्वस्थ है तथा उसमें किसी तरह के लक्षण नहीं है। चिकित्सक ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज को घर में रहने की सलाह देकर डिस्चार्ज कर दिया...

By: dinesh

Updated: 23 May 2020, 12:21 PM IST

डूंगरपुर। हर्निया फसने से गंभीर स्थिति में पहुंचे एक मरीज का शहर के निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। उक्त मरीज कोरोना पॉजिटिव ( covid 19 ) चिन्हित हुआ। हालांकि मरीज पूर्णतया स्वस्थ है तथा उसमें किसी तरह के लक्षण नहीं है। चिकित्सक ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज को घर में रहने की सलाह देकर डिस्चार्ज कर दिया। दूसरी ओर प्रशासन और चिकित्सा विभाग के बड़े अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञता जता रहे हैं।

गलन्दर निवासी एक व्यक्ति को हर्निया संबंधी समस्या के चलते 16 मई को जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया था। हर्निया फसने से मरीज का त्वरित ऑपरेशन अनिवार्य था। चिकित्सकों ने उसकी कोविड सैंपल लिए। इस बीच ब्लड में प्लेटलेट्स कम होना सामने आने पर उसे उच्च संस्थान के लिए रैफर कर दिया। मरीज सदर थाना सर्कल के समीप स्थित निजी अस्पताल पहुंचा। वहां चिकित्सक ने कोविड गाइड लाइन की पूर्ण पालना करते हुए ऑपरेशन कर दिया। इस बीच शुक्रवार सुबह उसकी कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव होने की सूचना मिली। इस पर निजी चिकित्सक ने मरीज और उसके परिजनों को घर में रहने की सलाह देते हुए डिस्चार्ज कर दिया। साथ ही रेपिड रेस्पोंस टीम को बुलवाकर अवगत कराया।

चिकित्सक का कहना...
मरीज का तत्काल ऑपरेशन जरूरी था। इसलिए कोविड की अंतरराष्ट्रीय गाइड लाइन की पूर्ण पालना करते हुए ऑपरेशन किया गया। मरीज में किसी भी तरह के लक्षण नहीं हैं और स्वस्थ है। गाइड लाइन के मुताबिक ऐसे मरीज को होम आइसोलेट किया जा सकता है, इसलिए उसे डिस्चार्ज किया। अस्पताल की रेपिड रेस्पोंस टीम को अवगत करा दिया है। अस्पताल को भी समय-समय पर सेनेटाइज किया जाता है और स्टाफ भी पूर्ण सावधानी बरतता है। ऐसे कोई गंभीर बात नहीं है।
डा. दलजीत यादव, निजी चिकित्सक


छुट्टी कैसे दे दी
मरीज का निजी अस्पताल में ऑपरेशन होने की जानकारी है, लेकिन छुट्टी कैसे दे दी? इस बारे में पता लगवाया जा रहा है। मरीज का भी फॉलोअप कराया जा रहा है।
डा. कांतिलाल मेघवाल, पीएमओ, डूंगरपुर

कलक्टर का कहना...
पहली बात तो जिस मरीज का सेम्पल लिया है, उसकी रिपोर्ट आने से पहले रैफर नहीं किया जाना चाहिए था। होम आइसोलेट की गाइड लाइन है, लेकिन उसके लिए लिखित में सूचना होनी चाहिए। इस बारे में पूर्ण जानकारी ली जाएगी।
कानाराम, जिला कलक्टर, डूंगरपुर

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