बहू की सजगता से बच गए ससुर और पति के बैंक में जमा रुपए

डूंगरपुर.
लॉकडाउन दौरान सरकार की ओर से कृषि सम्मान निधि, जन-धन और उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न तरह की राशियां बैंक खातों में जमा करवाई जा रही है। लेकिन, साइबर अपराध से जुड़े गिरोह इन रुपए को लुटने के लिए तरह-तरह के हथकण्डे अपना रहे हैं। साइबर क्राइम से जुड़े बदमाशों ने शुक्रवार को शहर के एक ही परिवार के तीन अलग-अलग सदस्यों को कॉल कर बैंक खातों से राशि डकारने का प्रयास किया। लेकिन, पुत्रवधु की जागरुकता से बैंक खातों से राशि उडऩे से बच गई।

By: Harmesh Tailor

Updated: 16 May 2020, 04:50 PM IST

बहू की सजगता से बच गए ससुर और पति के बैंक में जमा रुपए
- कृषि अधिकारी बनकर बदमाशों ने किए कॉल
- झांसे में लेकर ले ली बैंक की सभी डिटेल
डूंगरपुर.
लॉकडाउन दौरान सरकार की ओर से कृषि सम्मान निधि, जन-धन और उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न तरह की राशियां बैंक खातों में जमा करवाई जा रही है। लेकिन, साइबर अपराध से जुड़े गिरोह इन रुपए को लुटने के लिए तरह-तरह के हथकण्डे अपना रहे हैं। साइबर क्राइम से जुड़े बदमाशों ने शुक्रवार को शहर के एक ही परिवार के तीन अलग-अलग सदस्यों को कॉल कर बैंक खातों से राशि डकारने का प्रयास किया। लेकिन, पुत्रवधु की जागरुकता से बैंक खातों से राशि उडऩे से बच गई।
मामले के अनुसार बदमाशों ने शिवाजी नगर स्थित सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक सज्जनसिंह चौहान को दोपहर सवा 12 बजे कॉल करते हुए खुद को कृषि अधिकारी बताया। कॉलर ने बताया कि वह आपके खाते में कृषक सम्मान निधि के तहत राशि जमा करवानी है। बैंक डिटेल दीजिए। कॉलर ने उनके पुत्र घनश्यामसिंह वाजेड़ा के भी खाते में राशि डलवाने की बात कही। इस पर चौहान झांसे में आ गए तथा दोनों की बैंकों से जुड़ी समस्त जानकारी कॉलर को दे दी। कॉलर एवं ससुर के मध्य हो रहे संवाद को भाप पुत्रवधु आशाकुंवर ने तुरंत पति घनश्यामसिंह को कॉल कर फॉर्ड कॉल होने की बात बताई। इस पर वाजेड़ा तुरंत ही बैंकों में गए तथा बैंक खाते फ्रीज करवाते हुए कार्ड लॉक करवाए। इसी दौरान वाजेड़ा के मोबाइल पर ओटीपी भी आए और कॉलर के कॉल भी आए। लेकिन, पुत्रवधु की सजगता की वजह से राशि बच गई।
निम्बाहेड़ा भी किए कॉल
कॉलर के पास पूरे परिवार की जानकारी थी। चौहान ने बताया कि सबसे पहला कॉल उनकी पुत्रवधु निम्बाहेड़ा में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार रुचि पत्नी प्रहलादसिंह पर आई थी। उससे भी सभी जानकारी मांगी थी। लेकिन, उसने कुछ भी बताया नहीं। चौहान का कहना है कि कॉलर के पास उनके घर के सभी खाताधारकों के मोबाइल नम्बर थे और उसने बारी-बारी से सबको कॉल किए।

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