रायकी में दूसरे दिन भी रहा गमगीन माहौल

डूंगरपुर. आसपुर के निकटवर्ती रायकी में तीन बेटियों की मौत से सोमवार को दूसरे दिन भी पूरा गांव शोक में डूबा रहा। किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। उपखण्ड क्षेत्र में यह अपनी तरह का पहला मामला है कि एक ही घर की तीन बेटियों की रहस्यमय अकाल मौत हुई है। मृतका शिल्पा और शिवानी के शवों का रविवार देर शाम ही अंतिम संस्कार हो गया था। तीसरी बहन रविना के शव को झल्लारा थाना पुलिस ने सोमवार को पीएम के बाद परिजनों को सौंपा, जिसे गांव लाकर सोमवार दोपहर में दफनाया गया। मृतका के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था, वही

By: Harmesh Tailor

Updated: 06 Apr 2021, 06:04 PM IST

डूंगरपुर. आसपुर के निकटवर्ती रायकी में तीन बेटियों की मौत से सोमवार को दूसरे दिन भी पूरा गांव शोक में डूबा रहा। किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। उपखण्ड क्षेत्र में यह अपनी तरह का पहला मामला है कि एक ही घर की तीन बेटियों की रहस्यमय अकाल मौत हुई है। मृतका शिल्पा और शिवानी के शवों का रविवार देर शाम ही अंतिम संस्कार हो गया था। तीसरी बहन रविना के शव को झल्लारा थाना पुलिस ने सोमवार को पीएम के बाद परिजनों को सौंपा, जिसे गांव लाकर सोमवार दोपहर में दफनाया गया। मृतका के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था, वहीं मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखे नम थी।
बंधाया ढांढस
भाजपा प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा, विधायक गोपीचंद मीणा, जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या, जिला मंत्री इंद्रजीतसिंह चौहान, जिलाप्रमुख सूर्या अहारी, प्रधान केशरदेवी मीणा, किसान नेता जोरावरसिंह रायकी, मंडल अध्यक्ष नेपालसिंह राठौड, बेणेश्वर मंडल अध्यक्ष खुमानसिंह पंवार आदि ने सोमवार को पीडि़त परिवार के घर जाकर ढांढस बंधाया। मृतका के पिता खातू पारगी ने बड़ी साजिश के तहत हत्या की आशंका भी जताई। कटारा ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
दो का अग्नि संस्कार एक को दफनाया
दुखांतिका में बड़ी बेटी शिल्पा व रविना के शव का रविवार को गांव के श्मशान घाट पर दाह संस्कार किया गया। वहीं सबसे छोटी बेटी शिवानी के शव को दशामाता मंदिर के पीछे खातेदारी भूमि में दफनाया।
होनहार थी बालिकाएं
शिल्पा, रविना एवं शिवानी का आसपुर में दाखिला दिलवाने में भूमिका निभाने वाली अध्यापिका दुर्गा शर्मा का कहना है कि तीनों बालिकाएं पढऩे में होशियार होने के साथ परिवार पर बोझ नहीं बनने के लिहाज से आसपुर में किराए के मकान मे रहते हुए पार्ट टाइम मेहनत मजदूरी कर खर्चा चलाती थी। सबसे बड़ी शिल्पा व मझली रविना राउमावि खेड़ा आसपुर में कक्षा 12 वीं व 10वीं तथा सबसे छोटी शिवानी राउप्रावि आसपुर में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत थी। विगत 23 दिसंबर 2019 को भी उन्होंने तीनों बालिकाओं को भाविप आसपुर की ओर से ऊनी कंबल एवं इससे पूर्व स्कूल ड्रेस व शिक्षण सामग्री की मदद की थी।

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