बेटियों को पैरेंट्स के ऑफिस में मिली खुशी


डूंगरपुर.बेटियों का अपने पैरेंट्स के ऑफिस जाना खास अनूभूति भरा रहा। जहां एक तरफ उन्होंने अपने माता-पिता के काम को समझा, वहीं कार्यस्थल पर होने वाली चुनौतियों को भी करीबी से समझा।
ऑफिस : सोने-चांदी की दुकान
बिटिया का नाम : धृति जैन
पिता का नाम : विपिन जैन (ज्वेलरी व्यवसायी, , रामगढ़)
दुकान आने के बाद पता चला की कैसे सोने-चांदी के आभूषण कैसे बेचे जाते है। धृति ने अपने दादा से सीखा लेने-देन -धृति
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ऑफिस : नेमिनाथ किराणा स्टोर, रामगढ़
बिटिया का नाम : परिधि तोरावत
पिता का नाम : कैलाश तोरावत (किराणा व्यापारी)
आज अपनी बेटी को साथ लाकर उसे अपने किराणा व्यापार में वस्तुओ का तोल - मोल और लेन देन सम्बन्धित जानकारी शेयर की।
-परिधि
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ऑफिस : सोने-चांदी की दुकान
बिटिया का नाम : चार्मी जैन
पिता का नाम : पवन कुमार वोरा (ज्वेलरी व्यवसायी, रामगढ़)
कैसे मोल- भाव कर सामान बेचा जा सकता है जानकारी पवन वोरा ने आज बेटी के साथ शेयर की। -चार्मी जैन
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ऑफिस : सराफ ज्वेलरी दुकान
बिटिया का नाम : देशान सराफ
पिता का नाम : कुणाल सराफ (व्यवसायी)
दुकान पर जाकर बहुत अच्छा लगा। पापा ने हमें वस्तुओं का लेन-देन और ग्राहक से किस तरह से बातचीत करना आदि के बारे में जानकारी दी।
देशान सराफ
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ऑफिस : संतोषी कंगन व साड़ी सेन्टर, रामगढ़
बिटिया का नाम : उर्वशी पंचाल
पिता का नाम : दिलीप पंचाल
माता कृष्णा पंचाल ने आज अपने साथ लाकर रेडीमेड कपड़ों की बिक्री कैसे ग्राहकों को की जाती हैं इसकी जानकारी दी। -उर्वशी

आप भी बताए अपना अनुभव...
daughter.patrika.com पर कोई भी शख्स अपना विवरण भरकर, बिटिया के साथ अपना फोटो सीधे वेबसाइट पर अपलोड कर सकता है। इसमें बिटिया अपना अनुभव भी सांझा करेगी।

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