हवा-हवाई निकले गेहूं और चना दाल से राहत के आदेश

डूंगरपुर. कोरोना वायरस से उत्पन्न संकट के काल में आहत को राहत देकर श्रेय लेने की हौड़ में कोई भी विभाग पीछे नहीं छूट रहा है। लेकिन, बिना धरातलीय स्थितियों से अवगत हुए बिना आदेश निकाल देने से नीचले स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले सहित प्रदेश भर के आंगनवाड़ी केन्द्र में पंजीकृत माता-बहनों एवं बच्चों को पूरक पोषाहार के रुप में गेहूं और चना दाल देने के आदेश जारी हुए डेढ़ माह से अधिक समय गुजर गया है। लेकिन, अब तक गेहंू और चावल आंगनवाड़ी केन्द्रों को नसीब ही नहीं हो पाया है

By: Harmesh Tailor

Published: 23 May 2020, 04:00 AM IST

हवा-हवाई निकले गेहूं और चना दाल से राहत के आदेश
- गर्भवती, धात्री महिलाएं, किशोरियां तथा कुपोषित बच्चे कर रहे हैं इंतजार
- महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किए डेढ़ माह पूर्व आदेश
- लाभार्थी आंगनवाड़ी केन्द्रों के लगा रहे हैं चक्कर

डूंगरपुर.
कोरोना वायरस से उत्पन्न संकट के काल में आहत को राहत देकर श्रेय लेने की हौड़ में कोई भी विभाग पीछे नहीं छूट रहा है। लेकिन, बिना धरातलीय स्थितियों से अवगत हुए बिना आदेश निकाल देने से नीचले स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले सहित प्रदेश भर के आंगनवाड़ी केन्द्र में पंजीकृत माता-बहनों एवं बच्चों को पूरक पोषाहार के रुप में गेहूं और चना दाल देने के आदेश जारी हुए डेढ़ माह से अधिक समय गुजर गया है। लेकिन, अब तक गेहंू और चावल आंगनवाड़ी केन्द्रों को नसीब ही नहीं हो पाया है। ऐसे में लाभार्थी रोजाना आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंच कर चप्पले घिस रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्मिक उच्चाधिकारियों से भी संपर्क रही है। पर, वह भी आगे से प्राप्त होने पर देने की बात कर पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में आंगनवाड़ी कार्मिक दोनों तरफ से परेशान हो रही हैं।

यह निकले थे आदेश
महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक ने लॉकडाउन से उपजे हालातों को देखते हुए अप्रेल माह में प्रदेश भर के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत गर्भवती व धात्री महिलाओं के साथ ही केन्द्र के कुपोषित बच्चों को पूरक पोषाहार के तहत गेहूं तथा चना दाल के पैकेट्स बांटने के आदेश जारी किए थे। इसके तहत विभाग के निदेशक ने भारतीय खाद्य निगम को आदेश जारी कर जल्द से जल्द राशन डीलरों के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों के साथ ही विभाग ने वाहवाहीं लूटने के चक्कर में लाभार्थियों की सूचियां भी वायरल कर दी। ऐसे में लाभार्थी सूचियां वायरल होने के साथ ही आंगनवाड़ी केन्द्र के चक्कर काटने शुरू हो गए हैं।

इतनी देनी है सामग्री
आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत गर्भवती, धात्री तथा 11 से 14 वर्ष की विद्यालय नहीं जाने वाली किशोरी बालिकाओं को तीन-तीन किलो गेहूं और एक किलो चना दाल देनी है। वहीं, छह माह से छह वर्ष तक के पंजीकृत बच्चों को दो किलो गेहूं एवं एक किलो चना दाल देनी है। इसके साथ ही छह माह से छह वर्ष तक के अति कुपोषित या कम वजन के बच्चों को तीन किलो गेहूं एवं दो किलो चना दाल देनी है। सरकार की ओर से हर परियोजना (ब्लॉक) अनुसार 150 किलो अतिरिक्त दाल देने का भी प्रावधान किया है। ताकि कमी होने पर वहां से आपूर्ति की जा सके।

गेहूं के बजाय चावल भी...
निदेशक ने चना दाल के लिए भारतीय खाद्य निगम को केन्द्रवार लाभार्थियों की संख्या के हिसाब से संबंधित डीलरों तक उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए। यहां से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को उठाव कर पैकिंग कर वितरण के निर्देश दिए। लेकिन, अप्रेल के बाद मई माह का भी एक पखवाड़ा गुजरने के बाद भी हालात यह है कि राशन विक्रेताओं के पास यह दाल और गेहूं पहुंचा ही नहीं है। आदेशों में गेहंू वितरण के लिए जिला कलक्टर को भी अधिकृत करते हुए उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी से समन्वय कर मिड-डे मील में शेष पड़े खाद्यान्न में से उपलब्धता सुनिश्चत करने के निर्देश दिए थे। आदेशानुसार यदि किसी केन्द्र अंतर्गत विद्यालय में चावल अधिक शेष है, तो कार्यकर्ता की इच्छा पर उनके लाभार्थियों को समानुपात में गेहूं के बजाय चावल का भी आवंटन किया जा सकता था। पर, यह आदेश फाइलों से बाहर नहीं निकल सके हैं।

लोग भी परेशान, कार्मिक भी...
लॉकडाउन के दौरान जान-जोखिम में डाल कर जहां लोग रोजाना आंगनवाड़ी कार्मिक को फोन कर दाल-गेहूं आने की बात पूछ रहे हैं। वहीं, आंगनवाड़ी कार्मिक भी राशन डीलरों एवं संबंधित स्कूल प्रशासन से संपर्क कर रही हैं। पर, उन्हें कहीं से कोई जवाब नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोग अब कार्मिकों के घरों पर आकर दूत्कारने लगे हैं।

सरकार जल्द करें क्रियान्विति
. सरकार ने पहले आदेश जारी कर दिए और फिर लाभाथियों की सूचियां भी जारी कर दी। इससे हालात खराब हो गई है। लोग कार्मिकों के कपड़े खिंच रहे हैं। सरकार को पहले केन्द्र तक दाल और गेहूं की पहुंच सुनिश्चित करनी थी। उसके बाद ही आदेश निकालने थे।
- लक्ष्मी जैन, जिलाध्यक्ष अंागनवाड़ी कार्यकर्ता संघ

अधिकारी ने कहा...
. गेहूं और दाल का वितरण रसद विभाग के माध्यम से होगा। आदेश प्राप्त हो गए हैं। लेकिन, आपूर्ति में अभी समय लगेगा। डीलरों को केन्द्रवार गेहूं और चना दाल का आवंटन होगा। डीलर लगातार संपर्क कर रहे हैं।
- विपिन जैन, प्रवर्तन निरीक्षक, जिला रसद कार्यालय

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