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नारी शक्ति स्वावलंबी होगी तो देश होगा आत्म निर्भर – राष्ट्रपति

locationडूंगरपुरPublished: Feb 14, 2024 09:19:55 pm

Submitted by:

Varun Bhatt

– लखपति दीदी सम्मेलन को किया संबोधित
-राजीविका की महिला समूह की ओर से लगाई स्टॉल्स का किया अवलोकन
– बेणेश्वर धाम के सम़ृद्ध इतिहास एवं भविष्यवाणियों को जाना

नारी शक्ति स्वावलंबी होगी तो देश होगा आत्म निर्भर - राष्ट्रपति

नारी शक्ति स्वावलंबी होगी तो देश होगा आत्म निर्भर – राष्ट्रपति

डूंगरपुर साबला

राजस्थान के दक्षिणांचल के आदिवासियों के आस्था केंद्र वागड़ प्रयाग बेणेश्वर धाम पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को राजीविका के लखपति दीदी सम्मेलन को संबोधित करने पहुंची। इससे पूर्व मुर्मू ने धाम पर हरि मंदिर में दर्शन कर परिक्रमा की एवं यहां संत मावजी महाराज की ओर से 300 वर्ष पूर्व की गई भविष्यवाणियों को जाना। इस दौरान 20 स्टॉल्स का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद किया। करीब साढ़े तीन घंटे के धाम पर दौरे के दौरान महिलाओं को 250 करोड़ के लोन एवं 50 करोड़ के चेक भी वितरित किए।
मुर्मू अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे मंच पर पहुंची तो महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। यहां सम्मेलन में राष्ट्रपति ने कहा कि देश की आधी आबादी महिलाओं की हैं। यदि ये महिलाएं बैठी रहेंगी तो देश कैसे चलेगा। ऐसे में देश को चलाने के लिए तथा देश के आर्थिक-सामाजिक विकास के लिए पुरुष एवं महिला दोनों का ही सहयोग जरूरी हैं। महिला शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास को बढ़ावा देना होगा, क्योंकि महिलाओं की सफलता पर ही संपूर्ण भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा। आज के दौरे में महिलाएं भारत की विकास यात्रा में समान रूप से भागीदारी निभा रही हैं। ऐसे में विश्वास है कि भविष्य में भी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में ये अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राष्ट्रपति ने नारी शक्ति जिंदाबाद, मातृ शक्ति जिंदाबाद का नारा लगाते हुए कहा कि महज जिंदाबाद कहने से काम नहीं होगा। हमें आगे बढ़ना होगा एवं देश को सशक्त बनाना होगा।
जनजाति समाज से सीखना होगा

मुर्मू ने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है। आतिथ्य सत्कार यहां की पहचान है। यहां का गौरवशाली इतिहास हमेशा याद किया जाता रहा है। उन्होंने महाराणा प्रताप का स्मरण करते हुए कहा कि आदिवासी सेना ने राणा का साथ दिया।राष्ट्रपति ने आदिवासियों के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि आधुनिक दौर में भी परिश्रम के बेहतर उदाहरण पेश किए जा रहे हैं। राजनैतिक, आर्थिक व सामाजिक न्याय के लिए संविधान में विशेष प्रावधान किए हैं। जनजाति समाज को समानता मिले इसकी व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई हैं। समाज के अन्य वर्ग जनजाति समुदाय से बहुत कुछ सीख सकते है। मौजूदा दौर में मानव समाज अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा हैं। हमें जनजाति समुदाय से सीखना होगा कि किस प्रकार से प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर एवं कम से कम साधनों में प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बगैर जीवन जीना संभव हैं। सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की नारी साहसिक हैं। यहां की काली बाई ने शिक्षा के लिए गुरु की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। सीएम ने कहा कि राज्य के स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आगे लाने में एवं सहयोग के लिए सरकार तत्पर हैं। असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बेणेश्वर पवित्र स्थान हैं। इस धरा पर आने वाली पहली राष्ट्पति है। इस अवसर पर टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी, ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, राजस्व विभाग के मंत्री हेमंत मीणा, सांसद कनकमल कटारा भी मंच पर मौजूद रहे।

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