डूंगरपुर लॉ कॉलेज कागजों में, मंत्री बोले अस्थायी भवन में चल रहा

डूंगरपुर.
डूंगरपुर में मुख्यमंत्री बजट घोषणा के दो साल बाद भी विधि महाविद्यालय अस्तित्व में नहीं आ पाया है, लेकिन राज्य विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने शुक्रवार को भ्रामक जवाब दिया। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में लॉ कॉलेज अस्थायी भवन में चल रहा है, वहीं सूचना के दूसरे कॉलम में अंकित किया कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की अनुमति नहीं मिलने से डूंगरपुर में लॉ कॉलेज शुरू नहीं हो पाया है।

By: Harmesh Tailor

Updated: 13 Feb 2021, 04:10 PM IST

डूंगरपुर लॉ कॉलेज कागजों में, मंत्री बोले अस्थायी भवन में चल रहा
- विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री ने दिया भ्रामक जवाब
प्रतिपक्ष नेता कटारिया ने पकड़ी गलती, तो सकपकाए मंत्री
स्पीकर ने संभाला, सही उत्तर देने को कहा
डूंगरपुर.
डूंगरपुर में मुख्यमंत्री बजट घोषणा के दो साल बाद भी विधि महाविद्यालय अस्तित्व में नहीं आ पाया है, लेकिन राज्य विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने शुक्रवार को भ्रामक जवाब दिया। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में लॉ कॉलेज अस्थायी भवन में चल रहा है, वहीं सूचना के दूसरे कॉलम में अंकित किया कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की अनुमति नहीं मिलने से डूंगरपुर में लॉ कॉलेज शुरू नहीं हो पाया है।
उच्च शिक्षा मंत्री की इस गलती को नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पकड़ते हुए सवालों से घेरने का प्रयास किया। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने मंत्री का बचाव करते हुए सवाल का सही जवाब देने को कहा।
यह हुआ सदन में
सदन में प्रश्नकाल के दौरान शुक्रवार को सांगानेर से भाजपा विधायक अशोक लाहौटी ने सांगानेर सहित प्रदेश में नए खोले गए कॉलेज, उनके भवन और बजट आवंटन तथा जमीन उपलब्धता की जानकारी के लिए तारांकित प्रश्न किया। विभाग की ओर से जो जानकारी दी, उसमें डूंगरपुर में लॉ कॉलेज का भी जिक्र करते हुए उसके आगे रनिंग इन टेम्परेरी बिल्डिंग अंकित किया। उच्च शिक्षा मंत्री ने भी सदन में इसी बात को दोहराया, जबकि सूचना के अन्य कॉलम में बीसीआई की ओर से अनुमति नहीं मिलने का हवाला दिया। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने मंत्री के जवाब में गलती पकड़ते हुए कहा कि इनमें से कौनसा जवाब सही है। जब मंत्री सवालों से घिरते नजर आए तो स्पीकर जोशी को हस्तक्षेप करना पड़ा। जोशी ने कहा कि इन दोनों जवाबों में से कौनसा जवाब सही, जवाब को दुरुस्त किया जाए, मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में डूंगरपुर में लॉ कॉलेज खोलने की घोषणी की गई थी, लेकिन उसे बीसीआई मान्यता नहीं मिल पाई।
पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
राज्य बजट २०१९ में मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर में विधि महाविद्यालय की घोषणा की थी। इस बीच अगस्त २०१९ में बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने अगले तीन साल तक देश में किसी भी नए लॉ कॉलेज की अनुमति नहीं दिए जाने का निर्णय लिया था। इससे डूंगरपुर विधि महाविद्यालय को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। राजस्थान पत्रिका ने नवम्बर २०१९ में हाथ से छिटक न जाए विधि महाविद्यालय शीर्षक से समाचार शृंखला भी प्रकाशित की थी। इस पर राज्य सरकार ने बीसीआई को वाहक स्तर पर पत्र भी भेजा था।
सरकार कराए लिम्बाराम का इलाज
चौरासी विधायक राजकुमार रोत ने शुक्रवार को स्थगन प्रस्ताव के जरिए सदन में अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज लिम्बाराम की बीमारी का मुद्दा उठाया। रोत ने कहा कि लिम्बाराम ने अपने अचूक निशाने से देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन किया। उन्हें कई राज्य और देश अपने यहां बतौर कोच आमंत्रित करना चाहते थे, लेकिन लिम्बाराम ने राजस्थान में सेवाएं देना स्वीकारा तथा जनजाति अंचल में कई प्रतिभाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया। वहीं लिम्बाराम पिछले कई माह से गंभीर बीमारी न्यूरो डिसऑर्डर से ग्रसित होकर दिल्ली में उपचाररत हैं। उन्हें जीवनरक्षक इंजेक्शन की जरूरत है, लेकिन दो-तीन माह से वह इंजेक्शन नहीं मिल पाया है। रोत ने लिम्बाराम का उपचार राज्य सरकार के माध्यम से कराने का आग्रह किया।

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