चुनाव आते ही याद आ जाते हैं मुद्दे, मतगणना के नजीते आते ही होते हैं दफन

चुनाव आते ही याद आ जाते हैं मुद्दे, मतगणना के नजीते आते ही होते हैं दफन
एसबीपी राजकीय महाविद्यालय पर रहती है सबकी निगाहें
डूंगरपुरञ्चपत्रिका. छात्रसंघ चुनाव की घोषणा होते ही एक बार फिर राजकीय महाविद्यालयों की फिजाएं विधानसभा चुनाव की तरह ही बदली-बदली सी नजर आने लगी हैं। हालांकि, छात्रसंघ चुनाव की असल रंगत नामांकन के साथ ही परवान पर चढ़ेगी। लेकिन, अधिसूचना लागू होने के साथ ही छात्र संगठनों की सक्रियता एक बार दिखने लगी है।

By: Harmesh Tailor

Published: 14 Aug 2019, 10:45 AM IST

चुनाव आते ही याद आ जाते हैं मुद्दे, मतगणना के नजीते आते ही होते हैं दफन
एसबीपी राजकीय महाविद्यालय पर रहती है सबकी निगाहें
डूंगरपुरञ्चपत्रिका. छात्रसंघ चुनाव की घोषणा होते ही एक बार फिर राजकीय महाविद्यालयों की फिजाएं विधानसभा चुनाव की तरह ही बदली-बदली सी नजर आने लगी हैं। हालांकि, छात्रसंघ चुनाव की असल रंगत नामांकन के साथ ही परवान पर चढ़ेगी। लेकिन, अधिसूचना लागू होने के साथ ही छात्र संगठनों की सक्रियता एक बार दिखने लगी है।
यंू तो छात्र संघ चुनावों का मुकाबला जिला मुख्यालय पर सहित दो महाविद्यालयों सहित सागवाड़ा, सीमलवाड़ा और बिछीवाड़ा महाविद्यालय में है। लेकिन, मुख्य मुकाबला एवं राजनीतिक पार्टियों का जोर जिले के सबसे बड़े श्रीभोगीलाल पण्ड्या राजकीय महाविद्यालय में ही है। छात्रसंघ चुनाव को लेकर एसबीपी राजकीय महाविद्यालय का रूख किया। यहां की समस्याएं, भावी संभावनाओं आदि पर विद्यार्थियों से संवाद किया, तो कई बिन्दू उभर
कर आए।
मुद्दों की लगाई झड़ी..
कॉलेज के प्रवेश द्वार में प्रवेश करते ही पार्किंग एवं खेल मैदान में ग्रामीण क्षेत्रों से आए और शहर में किराए पर रहकर अध्ययन कर रही देश की भावी पीढ़ी से सामना हुआ। बातचीत के दौरान यह बात उभर कर सामने आई कि उनके जेहन में कॉलेज की समस्याओं से अधिक उनके भविष्य को लेकर चिंता थी। ऐेसे में वह भी चाहते हैं कि जल्द से जल्द महाविद्यालय की समस्याएं दूर हो जाएं। विद्यार्थियों से कॉलेज की समस्याओं से संबंधित बात शुरू करते ही उनके मन में दबी टिस बाहर निकली और संवादों की झड़ी
बहने लगी।

यूं बदलती रही तस्वीर
वर्ष अध्यक्ष संगठन
२०१८ दिलीप कलासुआ बीपीवीएम
2017 पोपट खोखरिया बीपीवीएम
2016 उमेश डामोर बीपीवीएम
2015 संजय परमार एनएसयूआई
2014 अजीत बरण्ड़ा एबीवीपी
2013 राजकुमार रोत एनएसयूआई
यूं चलेगा चुनाव कार्यक्रम
मतदाता सूचियों का प्रकाशन : 19.08.19
मतदाता सूचियों पर आपत्तियां मांगना एवं अंतिम प्रकाशन: 20.08.19
उम्मीदवारी के लिए नामांकन पत्र दाखिल : 22.08.19
नामांकन पत्रों की जांच: 22.08.19
वैद्य नामांकन सूची का प्रकाशन, नाम वापसी एवं अंतिम सूची : 23.08.19
मतदान : 27.08.19 एवं मतगणना : 28.08.19
यह भी हैं प्रमुख मुद्दे
पुस्तकालय में पाठ्यक्रम अनुरूप पुस्तकें
महाविद्यालय भवन का विकास
पार्किंग स्थल का जीर्णोद्धार
बॉस्केटबॉल सहित अन्य खेल मैदान विकसित किए जाएं
शुद्ध पेयजल व्यवस्था
संभाग के बड़े कॉलेजों में शामिल है। पर, छात्रवृत्ति दो-दो वर्ष में जमा होती है। यह भी बढऩी चाहिए। महंगाई के हिसाब से कम है। केंटीन भी नहीं है।
कमलेश घाटिया, एमए उतर्राद्र्ध
व्याख्याताओं की कमी है। इससे पढ़ाई ही नहीं हो रही है। हम गांव से यहां आते हैं और यहां पढ़ाई नहीं होने पर वापस चले जाते हैं। 84 में से 38 पद ही भरे हुए हैं।
लोकेश रोत, बीए थर्ड इयर
वर्षों से मांग करते आ रहे हैं कि स्नातकोत्तर स्तर पर सभी विषय यहां खोले जाएं। पर, विज्ञान वर्ग के विषय स्वीकृत नहीं हो रहे हैं। विद्यार्थियों को उदयपुर जाना पड़ रहा है।
पवन भगोरा, एमए उतर्राद्र्ध
कॉलेज भवन जर्जरहाल है। प्रवेश सीटें काफी कम हैं। ऐसे में 12वीं उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल पाता है। प्रवेश सीटें बढऩी चाहिए।
किरण कलासुआ, बीएससी थर्ड इयर
रंगमंच, पार्किंग, कक्षा-कक्षों की छत सहित कई कार्य एक वर्ष के दरम्यान करवाए गए। अब मुख्य मुद्दा प्रवेश सीटों में एसटी को 45, एससी को 16 एवं शेष ऑपन सीट करवानी है। फिलहाल एसटी को महज 12 प्रतिशत सीटें ही आरक्षित हैं।
दिलीप कलासुआ, अध्यक्ष, छात्रसंघ

Harmesh Tailor Photographer
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