संकट की घड़ी में दवा पहुंचा मिटा रहे दर्द

लॉकडाउन-1.0 से दे रहे हैं अनवरत सेवाएं, आवश्यक सेवाओं के तहत जरूरतमंदों को दे रहे उधारी पर भी दवाएं

 

By: milan Kumar sharma

Updated: 18 Apr 2020, 06:26 PM IST

डूंगरपुर. कोरोना संक्रमण की रोकथाम के चलते लॉकडाउन का प्रथम चरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण का दूसरा दिन खत्म हुआ। लेकिन, कोरोना वारियर्स के रुप में कई लोग निर्बाध रुप से अपनी सेवाएं देकर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। आवश्यक सेवाओं के तहत शहर तो शहर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दवा विक्रेता रोज की तरह ही अपने-अपने मेडिकल स्टोर खोलकर मरीजों के परिजनों को दवाएं मुहैया करवा रहे हैं। कई दवाइयां खत्म होने पर वह येनकेन प्रकारेण इधर-उधर से जुगाड़ कर भी संकट की इस घड़ी में मरीजों का दर्द दूर करने में जुटे हुए हैं।

सेवा ही कर्तव्य
नया हॉस्पीटल के पास मेडिकल स्टोर संचालित कर रहे नरेश जैन बताते है कि बाजार बंद है। आगे से दवाओं की आपूर्ति नहीं के बराबर हो रही है। पर, रुटीन के पेशेंट तो आते ही है। ऐसे में उन्हें हर संभव दवाइयां उपलब्ध करवा रहे हैं। कई बुजुर्गों के ऐसे भी कॉल आते है कि उनके घर में कोई नहीं है, तो उन्हें भी होम डिलेवरी कर रहे हैं। यह संकट की घड़ी है। इसमें सेवा करना ही कर्तव्य है।
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समझा अपना दायित्व
ओटा मार्ग पर स्थित मेडिकल स्टोर के संचालक सचिन जैन बताते है कि हमारा व्यवसाय आवश्यक सेवाओं के तहत है। दवा दुकानें बंद रहेगी, तो नई समस्या आ सकती है। अपने इस दायित्व को समझते हुए जनता कफ्र्यू के बाद पूरा दिन मेडिकल स्टोर खुली रखते हैं। कुछ लोगों के अभी वेतन नहीं मिले हैं। ऐसे में उन्हें उधार भी दे रहे हैं।
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इन दो युवाओं का जज्बा अनूठा
मूलत: गोवाड़ी गांव के अभिनव भट्ट डूंगरपुर शहर के शिवाजी नगर के ही जेमिनी रावल को विचार आया कि डूंगरपुर जिले के कितने ही लोगों का उपचार हिम्मतनगर तथा अहमदाबाद चलता है तथा वह दवाइयां लेने के लिए हर माह जाते हैं। ऐसे में लॉकडाउन में उन्हें काफी दिक्कत हो रही होगी। यह विचार जेमिनी रावल ने नगर परिषद् के सभापति केके गुप्ता को बताया। सभापति ने तुरंत ही हाथों-हाथ सुझाव मानते हुए उन्हें परिषद् की ओर से वाहन की व्यवस्था करवाई तथा सोशल मीडिया ग्रुप में मैसेज वायरल करवाए। पहले ही टूर में 100 से अधिक लोगों की करीब एक लाख रुपए से अधिक की दवाएं लाकर वास्तविक मूल्य पर दी। वहीं, दूसरी बार फिर वाहन लेकर गए है और 170 से अधिक मरीजों की दवाएं लाए। इससे सैकड़ों लोगों को राहत मिली है। जैमिनी मूलत:टूर एण्ड ट्रावेल्स व्यवसाय से जुड़े हुए हैं तथा अभिनव अहमदाबाद के एक नर्सिंग कॉलेज में प्रोफेेसर के पद पर कार्यरत है। इस कार्य में सागर राज चौबीसा एवं कल्याणसिंह आदि भी सेवाएं दे रहे हैं।
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दवाओं की होम डिलवेरी
सीमलवाड़ा. मांडली चौराहा के सामने स्थित मेडिकल स्टोर के संचालक भीखालाल प्रजापत बताते है कि मेडिकल स्टोर पर आने वाले लोगों को तो दवा उपलब्ध करवा ही रहे हैं। साथ ही सहयोगी रोनक कलाल को बाइक के माध्यम से घर-घर भी दवाएं पहुंचा रहे हैं। लोग वाट्सअप पर दवा की पर्ची भेज रहे हैं। इसके लिए कोई भी अतिरिक्त राशि नहीं ली जा रही है।

इनकी भी सेवा अनूठी
सागवाड़ा. कोरोना महामारी के दौरान जील मल्टीस्पेशयलिटी हॉस्पीटल का मेडिकल स्टोर अन्य शहरों से भी दवाई मंगवाकर लोगों को पहुंचा रहा है। गुजरात के मोड़ासा, हिमतनगर, अहमदाबाद तथा उदयपुर में इलाजरत लोगों के लिए दवाइयां मुहैया कराई जा रही है। अन्य स्थानों से दवाई मंगवाने के लिए हॉस्पीटल में अलग से काउन्टर लगवाया है। मदन सिसोदिया, पंकज जोशी व मयूर मेहता कार्य देख रहे हैं। दो दिन पूर्व प्रारंभ की गई सेवा का लाभ लेने के लिए करीब 300 क्षेत्रवासी लाभ ले चुके हैं। जरुरतमंद हॉस्पीटल पहुंचकर या सोशल मीडिया के माध्यम से दवाइयां के नाम भेजकर मंगवाई जा रही है। दवा की होम डिलेवरी भी कराई जा रही है। रोजाना वाहन गुजरात जा रहा है तथा सभी लोगों की दवाई एकत्र कर वापस आ जाता है।

milan Kumar sharma Reporting
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