REET 2021 :डायरी ने उगले काली करतूतों के काले राज, हर प्रतियोगी परीक्षा में पास कराने की देते थे गारंटी

आगामी रीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली के संदेह में एसओजी के इनपुट के बाद डूंगरपुर पुलिस की ओर से गिरफ्तार शिक्षक के पास से मिली डायरी ने राज्यस्तरीय गिरोह का खुलासा करते हुए उनकी कई काली करतूतों के राज खोले।

By: kamlesh

Published: 24 Sep 2021, 07:46 PM IST

डूंगरपुर। आगामी रीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली के संदेह में एसओजी के इनपुट के बाद डूंगरपुर पुलिस की ओर से गिरफ्तार शिक्षक के पास से मिली डायरी ने राज्यस्तरीय गिरोह का खुलासा करते हुए उनकी कई काली करतूतों के राज खोले। शिक्षक और उसके साथियों ने डूंगरपुर जिले में कई अभ्यर्थियों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने की गारंटी देते हुए लाखों रुपए वसूले तथा उनकी जगह एवजी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया। वहीं आगामी रीट परीक्षा में भी ऐसी की कारस्तानी की तैयारी थी।

प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर शिक्षक को राशि देने वाले चार अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षक बाड़मेर के उतरनी गांव में जिस ई-मित्र केंद्र से फर्जी आधारकार्ड बनवाता था, उसके संचालक को भी बाड़मेर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा बाड़मेर में ही कार्यरत एक अन्य शिक्षक और बाड़मेर हाल कोटा में कोचिंग संचालक की भी भूमिका भी संदेह के घेरे में होने से उनकी तलाश की जा रही है।

जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि एसओजी ने मिले इनपुट के बाद गुरुवार रात को सीमलवाड़ा उपाधीक्षक रामेश्वरलाल के नेतृत्व में पुलिस ने पीठ में किराए पर रहे शिक्षक खोखसर बाड़मेर निवासी भंवरलाल पुत्र थानाराम जाट को हिरासत में लिया था। उसके कब्जे से 12 लाख 17800 रुपए बरामद हुए थे। शिक्षक के पास अन्य दस्तावेजों सहित एक डायरी भी मिली। इसमें वर्ष 2015 से अब तक की प्रतियोगी परीक्षाओं का लेखा जोखा है। इसमें शिक्षक ने किस परीक्षा में किससे कितनी राशि ली? कितने डमी अभ्यर्थी बैठाए? आदि का विवरण मिला।

कोचिंग संचालक व एक अन्य शिक्षक भी गिरोह में शामिल
शुक्रवार सुबह एसपी जोशी तथा स्पेशल ऑपरेशन गु्रप उदयपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्वाति शर्मा धंबोला थाने पर पहुंचे। यहां आरोपी से पूछताछ की। इसमें कई सनसनीखेज खुलासे हुए। एसपी ने बताया कि शिक्षक भंवरलाल धोरीमन्ना बाड़मेर निवासी भंवरलाल विश्रोई तथा बाड़मेर के ही राजेंद्र राजगु रु उर्फ लादुराम राजपुरोहित के साथ मिलकर गिरोह चलाता था। ये लोग ये लोग प्रतियोगी परीक्षाओं में आदिवासी क्षेत्र के लोगों से भारी राशि वसूलकर उनकी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाते थे। उक्त गिरोह किसी न किसी परीक्षा सेंटर से सांठगांठ कर पेपर लाने का प्रयास करते, सफल नहीं होने पर राजेंद्र ब्लूटुथ डिवाइस से नकल कराता या एवजी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाता।

अलग-अलग फार्म भराते, जहां सेटिंग हो जाती वहां भेजते एवजी अभ्यर्थी
भंवरलाल के कमरे से मिले दस्तावेज में सामने आया कि अब तक यह गिरोह कई प्रतियोगी परीक्षाओं में एवजी अभ्यर्थी बैठा चुके हैं। इसके लिए वे अभ्यर्थी से आवेदन के समय ही सेटिंग कर लेते। उसके पास से अलग-अलग तीन-चार फार्म भरते। परीक्षा के समय जिस सेंटर में कमजोर कड़ी मिल जाती, वहां एवजी अभ्यर्थी भेज देते थे। शिक्षक भंवरलाल ने माण्डेला राठड़ी निवासी सोहनलाल पुत्र हिम्मतराम बामणिया से रीट परीक्षा 12 लाख रुपए में पास कराने की गारंटी देकर तीन लाख रुपए एडवांस लिए। इसके लिए तीन अलग-अलग फार्म भी शिक्षक ने ही भरे थे।

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इसके अलावा कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा के लिए पंचकुण्डी निवासी सूरजमल पुत्र लक्ष्मीलाल राणा से 5 लाख रुपए लिए। वहीं बावड़ी निवासी शिवराज पुत्र जगदीश डामोर से रीट में डमी अभ्यर्थी बैठाने के लिए 10 लाख रुपए के चेक लिए। यह चेक खाते में जमा भी हो चुके हैं। सागवाड़ा क्षेत्र के माविता निवासी मनोज पुत्र कमलाशंकर खराड़ी को रीट में पास कराने की एवज में उसके बड़े पापा गोपालकृष्ण खराड़ी के हस्ताक्षरशुदा दो ब्लैंक चेक लिए। पुलिस ने सोहनलाल, सूरजमल, शिवराज और मनोज को भी गिरोह से सांठगांठ कर परीक्षा को दुषित करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

जेल प्रहरी ने भी दिए तीन लाख रुपए, फरार
पूछताछ में सामने आया कि शिक्षक जाट ने उपनिरीक्षक परीक्षा में डूंगरपुर के तीन डमी अभ्यर्थी बैठाए थे। इसमें जिला कारागृह में तैनात जेल प्रहरी मुकेश पुत्र मणिलाल अहारी ने भी डमी अभ्यर्थी बैठाने की एवज में शिक्षक को तीन लाख रुपए अग्रिम दिए थे। इस खुलासे के बाद से जेल प्रहरी फरार है। इसके अलावा राकेश पुत्र धुलाजी अहारी व पृथ्वीराज पुत्र मोतीलाल डामोर से भी तीन-तीन लाख रुपए एडवांस लेना सामने आया है। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है।

गिड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है शिक्षक
नकदी के साथ गिरफ्तार शिक्षक भंवरलाल जाट बाड़मेर जिले के गिड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में मारपीट, चोरी, आगजनी, अवैध वसूली, राजकार्य में बाधा के 24 मुकदमे दर्ज हैं। यह मुकदमे वर्ष 1998 से 2020 तक के हैं। वहीं डूंगरपुर जिले के चीतरी थाने में भी उसके खिलाफ एक प्रकरण पंजीकृत है। शिक्षक को दो मामलों में न्यायालय ने सजा भी सुनाई है।

बाड़मेर में ई-मित्र पकड़ा, 500 फर्जी आधार मिले
एसपी जोशी ने बताया कि शिक्षक से हुई पूछताछ में उसने बाड़मेर जिले के उतरनी गांव में संचालित एक ई-मित्र कियोस्कधारक के सहयोग से डमी अभ्यर्थियों के आधार कार्ड आदि बनवाने की जानकारी दी। इस पर बाड़मेर पुलिस को सूचित किया। वहां पुलिस ने ई-मित्र कियोस्क संचालक हरिश जाट को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से करीब 500 फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं।

2008 में हुआ था नियुक्त
पुलिस ने बताया कि भंवरलाल वर्ष 2008 में तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में नियुक्त हुआ था तथा उसका पदस्थापन डूंगरपुर जिले के चीखली व सीमलवाड़ा तहसील क्षेत्र में रहा। पिछले पांच सालों से पीठ में किराए पर रहता था। उसकी पत्नी भी सरकारी नौकरी में है। चिखली ब्लॉक में नौकरी करने के कारण क्षेत्र में काफी पहचान थी। प्रारम्भिक पूछताछ में उसने बताया कि उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा, रीट परीक्षा व अन्य प्रतियोगी परीक्षा में धोरी मन्ना में कार्यरत शिक्षक भंवरलाल बिश्नोई के सहयोग से डमी अभ्यर्थी बैठा कर उनसे मोटी रकम वसूली करते थे। ज्यादातर चिखली ब्लॉक के अभ्यर्थी को फंसाया है। गिरोह में राशि एकत्रित करने का जिम्मा इसके पास था। बाकी का काम गिरोह के अन्य सदस्य करते थे।

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