नियमों की अनदेखी, पंचायत प्रसार अधिकारी पर मेहरबानी

पंचायत समिति चीखली का मामला

By: sidharth shah

Published: 16 May 2018, 03:10 PM IST

मनीष कलाल
चीखली. चीखली पंचायत समिति में मानो घर की पंचायत ही चल रही है। यहां अधिकारियों को पंचायत प्रसार अधिकारी की सेवा इतनी रास आ गई कि वह वरिष्ठों को दरकिनार कर कनिष्ट पर मेहरबान हैं। ऐसा नहीं कि विकास अधिकारी यहां पदस्थ नहीं होते, वे आते हैं। पर, आने से पहले ही इनको हटाने की कवायद शुरू हो जाती है। यहां विकास अधिकारी का जिम्मा एक पंचायत प्रसार अधिकारी को सौंप रखा है, जबकि पीईओ सचिव से पदोन्नत होते हैं। पंचायत समिति की स्थापना से लेकर अब तक पीईओ के पास ही अधिकांश समय पदभार रहा है।


१५ टे्रनिंग पर भेजा
आठ फरवरी को पदभार ग्रहण करने वाले विकास अधिकारी प्रेमराज मीणा को १४ से २१ मार्च तक आठ दिन के लिए सागवाड़ा पंचायत समिति में ट्रेनिंग के लिए भेजा। इस दौरान दोबारा सागवाड़ा पंचायत समिति से पीईओ महेश अहारी को चीखली पंचायत समिति भेजा गया।


कार्यकाल का बोर्ड तक नहीं मिला
विकास अधिकारी कक्ष में संबधित बीडीओ के कार्यकाल का बोर्ड तक नहीं दिखा। कार्मिकों ने नया बनवाने की बात कहीं। वहीं कार्यकाल बोर्ड स्टॉक रूप में कचरे की तरह पड़ा मिला। बोर्ड भी इस तरह से दबा हुआ था कि इसे निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इस बोर्ड में महज तीन बीडीओ के कार्यकाल का ब्यौरा लिखा हुआ है। वर्ष २०१७ मई के बाद कुछ जानकारी नहीं अंकित कर इसे बंद कमरे में पटक रखा है।

यह है मामला

चीखली पंचायत समिति आए दिन विकास अधिकारी बदलने एवं पद पर उठने-बैठने चर्चित रही है। पंचायत समिति का संचालन वर्ष फरवरी २०१५ में शुरू हुआ। इस दौरान यहां विकास अधिकारी पद पर भी पंचायत प्रसार अधिकारी रघुवीर मीणा को लगाया था। वर्ष २०१६ जनवरी में सरकार के आदेश पर केपी मीणा को नियुक्त किया। उनका कार्यालय वर्ष २०१७ मई तक रहा। इसके बीच एक बार फिर पीईओ रघुवीर मीणा को सात दिन के लिए चीखली लगाया था। सहायक अभियंता गंगाराम डामोर का आदेश १६ मई २०१७ से महज पन्द्रह दिन तक रहा और फिर एक पीईओ महेश अहारी जून २०१७ को विकास अधिकारी के पद का जिम्मा सौंपा। सात फरवरी २०१८ में सरकार के आदेश पर प्रेमराज मीणा को नियुक्त किया गया। प्रेमराज मीणा का नागौर तबादला हो गया। इसके बाद १० मई को फिर कलक्टर के आदेश पर पीईओ महेश अहारी को विकास अधिकारी बना दिया।

इनका कहना है....

मुझे आठ दिनों के लिए सागवाडा़ टे्रंिनग में रखा और महेश अहारी को सागवाड़ा से चीखली लगाया गया। नियमों को ताक में रखकर आदेश निकाले जाते है।
-प्रेमराज मीणा, बीडीओ

मेरे कार्यकाल के एक वर्ष बाद जिला परिषद में ट्रेनिंग पर रखा था। इसके बाद मूल विभाग में तबादला हो गया था। मेरे बाद तो पीईओ ही लगते आ रहे है।
- केपी मीणा, बीडीओ पूर्व पसं चीखली

sidharth shah Reporting
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