सवालों पर सन्नाटा, अब नोटिस-नोटिस का खेल

सवालों पर सन्नाटा, अब नोटिस-नोटिस का खेल

Deepak Sharma | Publish: Sep, 06 2018 04:31:05 PM (IST) Dungarpur, Rajasthan, India

बेलगाम महकमे, अफसरों की भी नहीं सुनते

सवालों पर सन्नाटा, अब नोटिस-नोटिस का खेल

जिला परिषद की साधारण सभा में उजागर हुई कार्यशैली

डूंगरपुर. जिला परिषद की मंगलवार को हुई साधारण सभा बैठक जिला परिषद की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े कर दिए है। पांच माह पहले हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कई जनसमस्याओं के मुद्दे उठाएं थे। तत्काल लगे आरोपों से बचने के लिए इन विभागों के अफसरों ने अपने बचाव में संबंधित मामलों की कार्रवाई और इसकी पालना रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। हैरानी इस बात कि है पांच माह बाद भी इनकी पालना रिपोर्ट जिला परिषद में नहीं आई और जिला परिषद ने भी बेबसी वाले भाव में पालना रिपोर्ट अप्राप्त लिख दी। ऐसे में साफ जाहिर है कि सरकारी मशीनरी जिले के विकास की सबसे बड़ी संस्था के लिए निर्णयों को भी नहीं मानती है। इस बार फिर इन मुद्दों पर बवाल हुआ तो नोटिस देने की बात हुई। हालाकि, यह नोटिस-नोटिस का खेल पूर्व में भी कई बार हो चुका हैं। इस बेअसर कार्रवाई को विभागों के अधिकारी समझ चुके है और वो इनसे भी बेपरवाह हो चुके हैं।

कुछ बोले नये है, कुछ टालमटोल में
बैठक के दौरान दो-तीन विभागों के अधिकारी बोले कि हाल ही पदभार संभाला है। ऐसे में अंजान बन कर बचने लगे। वहीं, कुछ मुद्दे उठाने वाले सदस्य ही मौजूद नहीं थे। ऐसे में अफसरों को जीवनदान मिल गया। सबसे खास यह कि मनरेगा जिला परिषद के अधिन ही संचालित है और यहां मनरेगा में तहत बने पुलिया के क्षतिग्रस्त होने व इसके घटिया निर्माण की शिकायत थी। जिला परिषद अपने अधिन इस कार्य की रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं कर सका।

गुमराह करने के लगाएं आरोप
गत बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तहत दीवड़ा बड़ा में पानी में फ्लोराइड की शिकायत हुई थी। विभाग ने पालना रिपोर्ट में पानी की जांच करना और फ्लोराइड व नाइट्रेट विभागीय मापदण्डों के अनुसार होना बताया। इस पर सदस्यों ने हंगामा मचाया कि कब और कहा जांच की। कितने हैण्डपंप का पानी जांचा। इस पर अधिकारी कागजों के पन्ने पलटते रहे। इस पर जिला प्रमुख ने दोबारा ग्रामीणों की मौजूदगी में नमूने लेने और इसकी जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

इन महकमों की नहीं आई रिपोर्ट
शिक्षा विभाग
चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग
महात्मा गांधी नरेगा योजना
स्वच्छ भारत अभियान
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना
वन विभाग
रसद विभाग
सिंचाई विभाग

गंभीर लापरवाही है
यह गंभीर लापरवाही है। समय पर सूची नहीं देने वाले विभागों को नोटिस दिया जा रहा है। इस मामले को जिला परिषद गंभीरता से ले रहा है। संबंधित विभागों के जयपुर मुख्यालय को भी लिखा जा रहा है।
माधवलाल वरहात, जिला प्रमुख

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