रोटी बैंक का सपना, भूखा न सोये कोई अपना

रोटी बैंक का सपना, भूखा न सोये कोई अपना

Vinay Sompura | Publish: Sep, 06 2018 07:56:45 PM (IST) Dungarpur, Rajasthan, India

- डूंगरपुर रोटी बैंक में नि:शुल्क मिल रहा है भरपेट खाना
- पुण्य के काम में शहरवासियों का मिल रहा सहयोग

रोटी बैंक का सपना, भूखा न सोये कोई अपना
- डूंगरपुर रोटी बैंक में नि:शुल्क मिल रहा है भरपेट खाना
- पुण्य के काम में शहरवासियों का मिल रहा सहयोग
डूंगरपुर. स्वच्छता और पर्यटन की नजीर बन चुका डूंगरपुर देश से लेकर विदेशो में अपने अनूठे नवाचार और नए आयाम स्थापित कर सभी शहरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। राजस्थान पत्रिका के कीनोट माय सिटी कार्यक्रम से प्रेरित होकर नगरपरिषद की ओर से शुरू किया गया रोटी बैंक हर रोज 100 से सवा सौ लोगों को नि:शुल्क भरपेट भोजन उपलब्ध करा रहा है।
डूंगरपुर के नर्सिंग प्रशिक्षक प्रेमांशु पण्ड्या पिछले कुछ दिनों से भूखों को भोजन उपलब्ध कराने की भावना से प्रयास कर रहे थे। उन्होंने सभापति के.के.गुप्ता से भी अपने विचार सांझा किए। इस बीच पत्रिका कीनोट में मुंबई के रोटी बैंक संस्थापक सुभाष तलेकर डब्बावाला के आगमन की सूचना पाकर उनकी भावना बलबती हेा गई। २० अगस्त को नगरपरिषद और मेडिकल कॉलेज के सांझे में विजियाराजे सिंधिया ऑडिटोरियम में कीनोट हुआ। वहां डब्बावाला ने अपने काम का तरीका सांझा करते हुए डूंगरपुर में भी रोटी बैंक शुरू करने का आह्वान किया।
सभापति ने लिया हाथों हाथ
पण्ड्या की भावना और डब्बावाला के आह्वान को सभापति के.के.गुप्ता ने हाथों हाथ लिया। चंद दिनों में जिला अस्पताल परिसर में रोटी बैंक के लिए परिसर तैयार हुआ। सेवाभावी लोगों का कारवां जुड़ता गया और 2 सितम्बर को नगरपरिषद बोर्ड के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रोटी बैंक का आगाज किया गया।
कोई भूखा न रहे
सभापति के.के.गुप्ता का कहना है कि रोटी बैंक का है सपना भूखा न सोये कोई अपना। इस उद्देश्य को पूरा करने एक संस्था बनाई है। जो रोटी बैंक के नाम से है जो रोटी बैंक से जुडक़र सेवा कार्य से समाज को प्रेरित करने में काफी सफल दिख रहे हैं। सभापति ने बताया कि रोटी की कोई जाति, धर्म नहीं होता भोजन दान की सेवा सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण होती है। शहर में लोगों का रोटी बैंक को अच्छा सहयोग मिल रहा है। सहयोग से प्रतिदिन 100 से 200 लोग नि:शुल्क भोजन प्राप्त कर रहे हैं। सभापति ने बताया कि रोटी बैंक संस्था से अभी तक 35 लोग एक लाख रुपए देकर ट्रस्टी बन चुके हैं और बहुत ही जल्दी संस्था अपने 51 ट्रस्टी बना देगी। इस रोटी बैंक में कोई भी व्यक्ति अपनों के जन्मदिन और पुन्यतिथि पर गरीबों को मात्र 3100 रुपए देकर एक दिन का भोजन करा पुण्य का भागीदार बन सकता है।
हर कोई दे रहा है दुआ
रोटी बैंक में एक समय का भोजन निशुल्क प्राप्त हो रहा है। यह रोटी बैंक नया अस्पताल मे खुलने से अस्पताल में आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रहा है। रोटी बैंक में घर जैसे खाने का आंनद लेकर इस संस्था को ढेरो दुआएं मिल रही हैं। संस्था के सहसंयोजक प्रेमांशु पंड्या बताते है कि रोटी बैंक खुलने से कई गरीब और जरुरतमंद लोगों को निशुल्क भरपेट भोजन प्राप्त होगा। संस्था में जरुरतमंद को एक दिन का भोजन कराने के लिए कई दान पुण्य करने वाले व्यक्ति अपने बुजुर्गो के नाम से भोजन कराने को लेकर अपना नाम और सहयोग राशि जमा कर पुण्य कमा रहे हैं। पंड्या ने बताया कि जो व्यक्ति जरूरतमंद को भोजन कराना चाहता है हम उसका नाम बोर्ड पर लिखते हैं और उसके परिवारजन के साथ सभी को भोजन कराते हैं। जो भी व्यक्ति इस संस्था में जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना चाहता है वह अपना रजिस्ट्रेशन ट्रस्टी और संस्था के सदस्य के पास करा सकता है।
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