चोरों ने पैसा चोरी करने के लिए बेग पर कुछ तरह मारी ब्लेड

चोरों ने पैसा चोरी करने के लिए बेग पर कुछ तरह मारी ब्लेड
त्वरित कार्रवाई, ग्रामीणों के साथ पुलिस ने लगाई दौड़

By: Harmesh Tailor

Published: 18 Dec 2018, 10:42 AM IST

चोरों ने पैसा चोरी करने के लिए बेग पर कुछ तरह मारी ब्लेड
त्वरित कार्रवाई, ग्रामीणों के साथ पुलिस ने लगाई दौड़

डूंगरपुर/बिछीवाड़ा बिछीवाड़ा पुलिस ने सोमवार को एक शातिर ठग और लूट के कुख्यात गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। इस गिरोह को पकडऩे में पुलिस के साथ ग्रामीणों ने भी दौड़ लगाई और दो आरोपितों की पकडऩे में सफलता हासिल कर ली हैं। वहीं, इस गिरोह के दो साथी भागने में सफल हो गए। इसी गिरोह ने तीन दिन पूर्व बैंक का एटीएम तोडऩे का भी प्रयास किया था। यह गुजरात के पालनपुर का कुख्यात गिरोह है और एक गुजरात से लेकर राजस्थान तक वारदातों को अंजाम देते रहता था।
यह था घटनाक्रम
नयातालाब चुण्डावाड़ा निवासी दुर्गा पत्नी बदा डामोर सोमवार दोपहर बाद बैंक ऑफ बड़ौदा में राशि निकालने आई थी। बैंक से १५ हजार की नगदी निकाल कर इसे प्लास्टिक की पॉलीथीन में रखकर बैंक के बाहर आई और इसके सामने ही स्थित एक खिलौने की दुकान पर खिलौने लिए। इनका भुगतान करने के लिए इसने प्लास्टिक की केरीबेग से राशि निकालने लगी तो देखा कि थैली फटी हुई थी। इस पर वो चिल्लाई तो लोग जमा हो गए। थैली पर ब्लेड से कट मारने के निशान दिख रहे थे। इसी दौरान लोगों को सामने की और चार लडक़ों को देखा। इनकी संदिग्ध गतिविधि को देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही इनकी ओर दौड़े। इस दौरान पुलिस भी आ गई। सबने मिलकर चार में से दो आरोपितों को धर दबोचा और १५ हजार की राशि और ब्लड बरामद कर ली। पूछताछ में इन्होंने अपना नाम कृष्णा पुत्र रणछोड़ सलाट बावरिया और राकेश पुत्र रामा कोली बावरिया निवासी पालनपुर गुजरात बताया। शेष दो साथियों की तलाश के लिए पुलिस का एक दल शाम को ही रवाना हो गया हैं।
पहले भी की वारदातें
इससे पहले ३० अगस्त को बरौठी निवासी राजेन्द्र कुमार बरंडा के पास से इसी गिरोह से एक लाख की राशि पार की थी एसबीआई में राशि लेकर निकल रहे अशोक का ध्यान भटकाया और बैग से एक लाख पार कर लिए। इस दौरान सीसीटीवी से लिए गए फूटेज से इनके चेहरों का मेल हो गया। वहीं तीन दिन पूर्व बीओबी के बाहर लगे एटीएम से राशि चुराने का प्रयास भी इसी गिरोह ने किया था। इनसे पूछताछ जारी है और कई और वारदातों के खुलासे की संभावना हैं।
बैंक में ही करते थे रैकी
थानाधिकारी सुनील शर्मा ने बताया कि यह गिरोह बैंक में बैठकर रैकी करता है। सीधे-सरल दिखने वाले लोगों के आगे-पीछे किसी तरह से रास्ता बनाने के प्रयास करते हुए इसका ध्यान बंटाते है और पलक झपकते ही राशि चुराकर भाग जाते है। पीडि़त को वारदात का पता चले, इससे पहले ही यह मीलों दूर हो जाते है। इन आरोपितों को पकडऩे में पुलिसकर्मी धर्मेन्द्र, श्रवणकुमार, रणधीरसिंह, बजरंगसिंह, डूंगरसिंह के अलावा ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

Harmesh Tailor Photographer
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