सुपरफास्ट ट्रेन में सफर के लिए अभी करना होगा थोड़ा और इंतजार

उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन प्रोजेक्ट : अहमदाबाद से डूंगरपुर तक मार्च तक शुरू होगी ट्रेन, उदयपुर तक पहुंचने में बीत सकता है साल 2020

डूंगरपुर. उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन प्रोजेक्ट के तहत डूंगरपुर तक के टे्रक का काम भले ही करीब-करीब पूरा हो चुका है, लेकिन अभी इस पर ट्रेन दौडऩे में दो से ढाई माह का समय और लग सकता है। उत्तर-पश्चित रेलवे का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष में डूंगरपुर तक रेल चलाने का है तथा उसे लेकर युद्ध स्तर पर काम भी चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि 31 मार्च से पहले रेल शुरू कर दी जाएगी, लेकिन फिलहाल रेलवे का कोई भी अधिकारी अधिकृत तौर पर कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। डूंगरपुर से उदयपुर तक के सफर के लिए अभी दिसम्बर 2020 तक का इंतजार करना होगा।

यह है परियोजना
उदयपुर से अहमदाबाद के बीच मीटरगेज रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने की मांग दो दशक से चल रही थी। वर्ष 2008 में तत्कालीन युपीए सरकार ने बजट घोषणा में इसे शामिल किया। इसके बाद सर्वे कार्य भी चले। कई सालों तक इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो सका। इस बीच डूंगरपुर-रतलाम नई रेल परियोजना का शिलान्यास कर दिया गया। इससे आमान परिवर्तन की मांग दोबारा पूरजोर ढंग से उठाई जाने लगी।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2012-13 में आमान परिवर्तन प्रोजेक्ट के प्रति गंभीरता दिखाना शुरू किया। उदयपुर से हिम्मतनगर तक ब्रॉडगेज लाइन के लिए 800 करोड़ रुपए की परियोजना तैयार की गई। इस बीच सरकार बदलने से लगभग साल-डेढ़ साल तक काम फिर अटका रहा। हालांकि बाद में केंद्र सरकार ने इसे दोबारा गति दी। मोदी सरकार ने साल-दर साल बजट जारी किया। प्रोजेक्ट से जुड़े नोन फील्ड काम पूर्ण करने के बाद 01 जनवरी 2017 से इस ट्रेक को बंद कर तेजी से काम शुरू कराया गया। हालांकि तत्कालीन समय में एक वर्ष में काम पूरा होने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन अब तक दो साल गुजर चुके हैं।

यह है प्रगति
रेलवे सूत्रों के अनुसार 208 किमी के इस ट्रेक में अलग-अलग ब्लॉक में काम हो रहा है। हिम्मतनगर से अहमदाबाद तक का ट्रेन कंपलीट है। हिम्मतनगर से रायगढ़ का काम भी करीब-करीब पूरा हो चुका है। डूंगरपुर से रायगढ़ तक टे्रक बिछाने का काम अंतिम चरण में है। इधर, उदयपुर से उमरा और उमरा से खारवा चंदा तक का काम भी प्रगति पर है। खारवाचांदा के समीप 800 मीटर की सुरंग का काम भी तेजी से चल रहा है।

फेक्ट फाइल
नाम: उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन
शुरूआती लागत: 800 करोड़
पूर्णता तक अनुमानित लागत: 1500 करोड़ से अधिक
कुल लंबाई: 208 किमी
600 से अधिक छोटे-बड़े ब्रिज
800 मीटर लंबी सुरंग खारवाचांदा में

इनका कहना. . .
उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन प्रोजेक्ट की डेटलाइन वित्तीय वर्ष २०२०-२१ है। अहमदाबाद से डूंगरपुर तक का काम लगभग पूरा हो चुका है। जनवरी में रेल शुरू होने का दावा नहीं किया जा सकता। प्रयास किए जा रहे हैं कि जनवरी माह में आयुक्त रेलवे सुरक्षा की विजिट की डेट मिल जाए, यदि उनकी विजिट हो जाती है तो चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले रेलवे बोर्ड ट्रेन शुरू करने का निर्णय ले सकता है, लेकिन इसमें भी अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उदयपुर तक का काम अगले वित्तीय वर्ष में पूर्ण होगा।
अभय शर्मा, मुख्य सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे

milan Kumar sharma Reporting
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