फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों का टैक्स चोरी करने वाला फरार आइल कारोबारी बनारस में पकड़ाया

Satya Narayan Shukla

Publish: Sep, 17 2017 09:46:05 (IST)

Durg, Chhattisgarh, India
फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों का टैक्स चोरी करने वाला  फरार आइल कारोबारी बनारस में पकड़ाया

अलग-अलग कंपनी बनाकर फर्जी बिल बाउचर के सहारे एक करोड़ ८९ लाख टैक्स चोरी करने वाले ऑयल कारोबारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

दुर्ग. तीन अलग-अलग कंपनी बनाकर फर्जी बिल बाउचर के सहारे एक करोड़ ८९ लाख टैक्स चोरी करने वाले ऑयल कारोबारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह तीन साल से फरार था। पुलिस ने उसे बनारस में गिरफ्तार किया।

आरोपी सुन्दर नगर रायपुर निवासी पीयूष कुमार सिंह

पुलिस के मुताबिक आरोपी सुन्दर नगर रायपुर निवासी पीयूष कुमार सिंह (38 साल) पाटन क्षेत्र में कंपनियों के माध्यम से ब्लैक ऑयल का कारोबार करता था। धोखाधड़ी के खुलासे के बाद वह तीन साल से फरार था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ तीनों कंपनियों के आधार पर तीन अलग-अलग मामले दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने 28 मई 2008 को मेसर्स महामाया ट्रेङ्क्षडग कंपनी अमलेश्वर पाटन के नाम से पंजीयन कराया था। आरोपी ने वर्ष 2012 से 2014 तक फर्म का बोगस बिल वाउचर जारी कर 58 लाख 86 हजार 825 रुपए की सामग्री खपा ली। इसमें वेट टैक्स का दो लाख 94 हजार 341 रुपए दबा लिया। आरोपी ने सोनू सिंह के नाम से पेन कार्ड बनवाकर एसके इंटप्राइजेस नाम की कंपनी शुरू की।

मां भवानी ट्रेडर्स परसदा पाटन नाम की तीसरी कंपनी खो ली

चंगोरा भाठा निवासी प्रदीप लांजेवार के नाम पर मां भवानी ट्रेडर्स परसदा पाटन नाम की तीसरी कंपनी खो ली। इन दोनों कंपनियों के माध्यम से भी पुरानी कंपनी की तरह फर्जी बिल के सहारे क्रमश: 26 करोड़ 17 लाख 67 हजार और 11 करोड़ 8 लाख 323 हजार 311 रुपए का ब्लैक ऑयल का कारोबार कर लिया। इन दोनों से वेट टैक्स के रूप में क्रमश: एक करोड़ 30 लाख 88 हजार और 55 लाख 41 हजार 166 रुपए सरकारी खाते में जमा होना था, लेकिन आरोपी ने यह भी दबा लिया। इस तरह 37 करोड़ 84 लाख 77 हजार 136 रुपए के ब्लैक ऑयल विक्रय का 1 करोड़ 89 लाक 23 हजार 477 रुपए टैक्स दबाकर सरकार से धोखाधड़ी किया।

१० हजार का इनाम घोषित
मामले का खुलासा होने पर वर्ष 2014 में वाणिज्यिकर अधिकारी महावीर अग्रवाल ने आरोपी पीयूष कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया। तत्कालीन एसपी ने उस पर १० हजार रुपए का इनाम घोषित किया। पुलिस के मुताबिक इस बीच आरोपी के बनारस में होने की सूचना मिली थी। इस पर उसे घेरकर पकड़ा गया।

 

किराए के मकानों में चलाता था फर्म

आरोपी पीयूष कुमार सिंह को रिमांड पर लेकर रविवार को पुलिस ने उसके फर्मों की जांच की। आरोपी की निशानदेही पर तीनों ठिकानों की गहराई से पड़ताल कराई गई। इसमें यह पता चला कि आरोपी सभी फर्म किराए के मकान पर चलाता था।

मीडिया और मानव अधिकार का कार्ड
पुलिस ने आरोपी को बनारस में घेराबंदी कर पकड़ा, इस दौरान उसकी तलाशी में उसके पास से एक मीडिया और एक मानव अधिकार संगठन का आई कार्ड मिला। ऐसा माना जा रहा है कि आरोपी इन कार्डों का इस्तेमाल स्थानीय पुलिस से बचने के लिए करता रहा होगा।

 

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