सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस महिला अधिकारी को मिली जिला सहकारी बैंक की कमान, CM के गृह जिले में चल रहा था घमासान

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ के पद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संचालक मंडल ने राज्य सहकारी बैंक के संवर्ग अधिकारी अपेक्षा व्यास को सीईओ का पदभार सौंप दिया। (Zila sahkari bank Durg )

By: Dakshi Sahu

Published: 07 Mar 2020, 01:57 PM IST

दुर्ग. जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ के पद को लेकर सुप्रीम कोर्ट (supreme court ) के फैसले के बाद संचालक मंडल ने राज्य सहकारी बैंक के संवर्ग अधिकारी अपेक्षा व्यास को सीईओ का पदभार सौंप दिया। खास बात यह है कि जिला सहकारी बैंक में पूर्व से ही लेखाधिकारी का पद संभाल रही व्यास को पूर्व सीईओ एसके निवसरकर को हटाए जाने के बाद महीनेभर पहले ही राज्य सहकारी बैंक ने सीईओ नियुक्त कर दिया था, लेकिन तब संचालक मंडल ने उन्हें ज्वाइनिंग तो दे दिया, लेकिन अब तक पदभार नहीं सौंपा था। व्यास को आदेश के तत्काल बाद ज्वाइनिंग देने को जोशी की फिर से पदस्थापना को रोकने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब हो कि धान खरीदी के लिए टोकन जारी नहीं करने संबंधी समितियों को भ्रामक निर्देश और शासन द्वारा जारी राशि में से 81 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में जमा नहीं कराने के मामले में पूर्व सीईओ एसके निवसरकर को राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध संचालक केएल ढारगवे ने 2 फरवरी को पद से हटा दिया था। इसके साथ ही उन्होंने निवसरकर की जगह राज्य सहकारी बैंक के संवर्ग अधिकारी अपेक्षा व्यास को सीईओ नियुक्त करते हुए तत्काल पदभार ग्रहण करने के आदेश दिए थे। इसके बाद दूसरे दिन नवपदस्थ सीईओ अपेक्षा व्यास ने बैंक में ज्वाइनिंग दे दी, लेकिन उन्हें सीईओ का पदभार नहीं दिया गया था।

दो साल विवाद के बाद सुलझा मामला
जिला सहकारी बैंक में करीब दो साल से चल रहे सीईओ के पद को लेकर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन पहले ही सुनाया है। अगस्त 2017 में खाली हुए पद पर राज्य सहकारी बैंक ने एसके जोशी को सीईओ नियुक्त किया, लेकिन संचालक मंडल ने इस पर असहमति जाहिर करते हुए पहले एनके स्वर्णकार व बाद भी एसके निवसरकर को सीईओ बना दिया था। इसके खिलाफ अपेक्स बैंक व जोशी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संचालकों द्वारा नियुक्ति की वैधता संबंधी हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया।

तीन नामों के विकल्प की राहत
जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट नेे आदेश में संचालक मंडल को सीईओ के नियुक्ति में राज्य सहकारी बैंक द्वारा तीन नामों का विकल्प के रूप में राहत भी दिया गया है। यानि राज्य सहकारी बैंक को सीईओ की नियुक्ति के लिए संचालक मंडल को तीन नाम सुझाने होंगे, जिस पर किसी एक नाम पर संचालक मंडल सहमति दे सकेगा। चूंकि इससे पहले राज्य सहकारी बैंक द्वारा व्यास को सीईओ पदस्थ किया गया था, इसलिए इस राहत का लाभ उठाते हुए व्यास को पदभार दे दिया गया। इस तरह जोशी का मार्ग बंद हो गया।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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