शगुन गोशाला में नहीं रहेगी गायें, जिले के गो-शालाओं में किया जाएगा शिफ्ट, संचालक हरिश वर्मा गिरफ्तार

राजपुर के सगुन गो शाला में गायों की मौत की राज्य गो सेवा आयोग की टीम ने जांच शुरू कर दी है।

भिलाई. राजपुर के सगुन गो शाला में गायों की मौत की राज्य गो सेवा आयोग की टीम ने जांच शुरू कर दिया है। सचिव एसके पाणिग्रही ने गायों को जिले के अन्य गो शालाओं में शिफ़्ट करने के निर्देश दिए हैं। सचिव पाणिग्रही ग्रामीणों से गो शाला की व्यवस्था के संबंध में पूछताछ कर रही है। इधर धमधा पुलिस गो शाला संचालक व जामुल नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष हरीश वर्मा को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। विहिप और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने संचालक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की मांग कर रही है।

जिले के चार गोशालाओं में शिफ्ट किया जाएगा गायों को
सगुन गो शाला की गायों को सैगोना, बेरला के आंदू और थान खम्हरिया के गो शाला में शिफ्ट किया जाएगा। सगुन गो शाला में १५०० से अधिक गायें हैं। जिसे जिला प्रशासन ग्रामीणों के सहयोग से गायों को गो शालाओं में लेकर जाएंगे। बता दें कि गंडई रोड पर स्थित ग्राम राजपुर में संचालित शगुन गोशाला में गायों की मौत का सिलासिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गोशाला में भूख-प्यास व बदइंतजामी पिछले दो-तीन दिनों से गोशाला में ४० गायों की मौत हो चुकी है। मामले में गुरुवार को धमधा एसडीएम राजेश पात्रे व धमधा थाना के जवानों ने गोशाला में जाकर स्थिति का आंकलन किया। विश्व हिन्दू परिषद और बंजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने राज्य गो सेवा आयोग से शिकायत की थी। शिकायत पर पशु चिकित्सकों ने मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम किया।

कई बार हो चुकी है शिकायत
गोशाला का संचालन एवं बदइंतजामी को लेकर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, राज्य गो सेवा आयोग और स्थानीय स्तर के अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं।इसके बावजूद कोई कार्रवाइनहीं हुई। न ही संचालक ने व्यवस्था में सुधार किया।

चारा पानी की व्यवस्था नही
नियमित रूप से गोशाला की सफाई नहीं होती है। गायों की संख्या के हिसाब से गोशाला में प्रतिदिन कई ट्रक पैरा और हरी घास चाहिए। ग्रामीणों की मानें तो गायों को पर्याप्त मात्रा में चारा नहीं दिया जाता है तो हरी घास की बात बेमानी है।
ग्रामीणों शासकीय अनुदान की राशि कब और कितनी राशि चारे-पानी के लिए की गई इसकी जांच और ऑडिट कराने की मांग की है। संचालक पर मूक पशुओं की अनदेखी और कू्ररता के संबंध में जानकारी लेने पर राजनीतिक पहुंच का धौंस दिखाया जाता है। इससे ग्रामीण कुछ बोलने से कतराते थे लेकिन लगातार गायों की मौत के बाद ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और खुलकर बोलने लगे हैं। ग्रामीणों की मानें तो संचालक को नरक में भी जगह नहीं मिलेगी। ग्रामीणों ने गोशाला के नाम पर शासकीय राश का गबन करने और गोहत्या के आरोप में संचालक के खिलाफ अपराध कायम कर कड़ी सजा दिलाएजाने की मांग की है।

गोशाला राजपुर में और रिकॉर्ड पंजी जामुल में
गोशाला में सैकड़ों गायों की मौत की जानकारी और शिकायत के बाद धमधा एसडीएम राजेश पात्रे ने गोशाला का निरीक्षण किया। संचालक के रिकार्ड पंजी मांगा तो उन्होंने रिकार्ड जामुल में होने की बात कही। इस पर संचालक को फटकार लगाई कि संचालन जहां हो रहा है रिकार्ड भी वहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि गायों के बीमार होने की जानकारी पशु चिकित्सक डॉ मिश्रा ने उपचार नहीं किया। इसपर एसडीएम ने डॉ. मिश्रा को भी जमकर फटकार लगाई थी।

Show More
Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned