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DMC budget - ड्रेनेज सिस्टम, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे दर्जनभर से ज्यादा प्रस्तावों पर दो साल में नहीं करा पाए काम

0 नगर निगम की बजट में दर्जनभर से ज्यादा प्रपोजल केवल बजट पुस्तिका में चल रहे हैं।
0 इन प्रपोजल्स पर न तो सरकार से फंड मिले और ना ही निगम खुद काम शुरू करवा पाया।
0 खास बात यह है कि इनमें से अधिकतर प्रपोजल मौजूदा परिषद के पहले बजट से चल रहे हैं अथवा इससे भी पुराने हैं।
0 इनमें अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, नवीन कार्यालय भवन जैसे महत्वपूर्ण व उपयोगी प्रपोजल भी शामिल हैं।

दुर्ग

Published: March 31, 2022 11:06:20 pm

महापौर धीरज बाकलीवाल ने दो दिन पहले अपने कार्यकाल का तीसरा बजट प्रस्तुत किया। उनके अब तक के कार्यकाल का अधिकतर समय कोरोना में बीता है। ऐसे में पहले दो बजट के अधिकतर प्रपोजल पर ठोस कार्रवाई नहीं किया जा सका। इसके कारण महत्वपूर्ण व उपयोगी प्रस्तावों पर भी काम नहीं हो पाया। अब कोरोना से पूरी तरह छुटकारा की उम्मीद की जा रही है, लेकिन इसका प्रभाव अभी एक-दो साल और रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में मौजूदा बजट में ठोस व पूरे किए जा सकने वाले कामों के प्रस्ताव की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन बजट में किए गए प्रावधानों से इसकी संभावना कम ही दिख रही है।
DMC budget - ड्रेनेज सिस्टम, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे दर्जनभर से ज्यादा प्रस्तावों पर दो साल में नहीं करा पाए काम
महापौर धीरज बाकलीवाल ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट प्रस्तुत किया

इन प्रपोजल्स पर नहीं हुए काम

सीवेज एंड ड्रेनेज

प्रावधान - शहर के पद्मनाभपुर व ऐसे ही चार-पांच इलाकों में अंडर ग्राउंड सीवेज व ड्रेनेज सिस्टम है। शेष इलाके में सिस्टम तैयार करने के लिए पूर्व परिषद से समय से प्रयास चल रहा है। इसके लिए पिछली बार 20 करोड़ 95 लाख का प्रावधान किया गया था। इस बार 31 करोड़ 75 लाख प्रस्तावित किया गया है।
परेशानी - अंडर ग्राउंड सीवेज व ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण अधिकतर इलाकों से गंदगी खुली नालियों में बहाई जाती है। इससे खासी परेशानी होती है। बारिश में गंदगी सड़कों पर पहुंच जाता है।

0 वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम

प्रावधान - शहर का गंदा पानी पुलगांव नाला और शंकर नाला से होकर शिवनाथ में मिलता है। पानी लगतार प्रदूषित हो रहा है। वाटर ट्रीटमेंट के साथ रि-यूज के लिए बजट में पिछली बार 9 करोड़ का प्रस्ताव। अब एक करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है।
परेशानी - शिवनाथ से दुर्ग-भिलाई को पेयजल के लिए सप्लाई किया जाता है। दोनों ही शहर का इंटकवेल पुलगांव नाले के मुहाने पर है। ट्रीटमेंट सिस्टम नहीं होने से गंदा पानी लोगों को पीना पड़ रहा है।

0 नया कार्यालय भवन

प्रपोजल - निगम का खुद का कार्यालय नहीं है। फिलहाल राज्य परिवहन निगम के पुराने डिपो कार्यालय में भवन संचालित हो रहा है। नए कार्यालय भवन के लिए पिछली बजट में 5 करोड़ 75 लाख का प्रस्ताव रखा गया था। इसे मौजूदा बजट में बढ़ाकर 6 करोड़ कर दिया था।
परेशानी - कार्यालय जरूरत के अनुसार नहीं होने के कारण कामकाज में परेशानी होती है। जगह कम होने के कारण डाटा सेंटर व अन्य जगहों पर कार्यालय लगाना पड़ता है। इससे लोगों को भटकना पड़ता है।

0 ट्रांसपोर्ट नगर

प्रपोजल - यातायात के दबाव को कम करने ट्रांसपोर्ट नगर बनाने का प्रस्ताव, 10 से 12 सालों से बजट में शामिल। पूर्व बजट में 1 करोड़ का प्रावधान किया था। लेकिन फंड नहीं मिला, प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हुआ। इस बार भी 1 करोड़ का प्रपोजल रखा गया है।
परेशानी - शहर के भीतर सड़क किनारे या खाली जगहों पर वाहन खड़े किए जा रहे है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। जीई रोड व धमधा मार्ग में दर्जनों जगह अघोषित पार्किंग बना लिए गए हैं। दुर्घटना बढ़ रही है।

0 झील और तालाब विकास

प्रपोजल - शहर में निगम के अधीन 24 तालाब है। इनमें से अधिकतर में अब भी निस्तारी होती है। पिछली बजट में झील व तालाब विकास के लिए 8 करोड़ का प्रावधान था। इस बार इसे बढ़ाकर 21 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछली सरकार ने 8 करोड़ के तालाब सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव सरकार को भेजा था।
परेशानी - ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण गंदगी तालाबों में मिलता है। इससे लगभग सभी तालाब प्रदूषित हो चुके हैं। मजबूरीवश यहां लोग अब भी निस्तारी करते हैं। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा रहता है।

0 शापिंग सेंटर

प्रपोजल - पिछली बजट में मौजूदा सरकार ने ही इसके लिए 6.75 करोड़ का प्रावधान किया था। इस बार 7 करोड़ 70 लाख का प्रावधान किया गया है। पूववर्ती सरकार भी मल्टीलेबल शापिंग काम्पलेक्स के नाम पर करोड़ों का प्रावधान करती रही, लेकिन कोई भी काम नहीं हुआ।
परेशानी - बाजार इलाका बेहद तंग व भीड़-भाड़ वाला हो गया है। खासकर हटरी बाजार, अनाज लाइन, इंदिरा मार्केट, सराफा बाजार में त्योहारों में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इससे इस परेशानी से निजात मिलता

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