लूट के आरोप में जिसे गिरफ्तार करके लाई पुलिस वो नाबालिग आरोपी निकला कोरोना पॉजिटिव, थाने में मचा हड़कंप

दुर्ग जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे करीब 11 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए है।

By: Dakshi Sahu

Published: 03 Apr 2021, 05:04 PM IST

भिलाई. दुर्ग जिले में फिर से कोरोना कहर बनकर आया है। पुलिस विभाग के दो जवानों की कोरोना ने जान ले ली। अब पूरे विभाग में दहशत है। इधर कोरोना के दहशत में फरियादी थाना में आने से परहेज करने लगे हैं,वहीं अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस कतराने लगी है। जिले में 23 थाना और 4 चौकियां है। होली के दो दिन मारपीट, चोरी, छेड़छाड, नाबालिग का अपहरण जैसी करीब 110 मामले विभिन्न थाना में दर्ज हुए। लेकिन उसके बाद से कोरोना ने ऐसा कहर बरपाया कि लोग दहशत में आ गए। पिछले दिनों दुर्ग पुलिस ने मोबाइल लूट के मामले में दो नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में कार्रवाई कर एक आरोपी को जेल भेजा गया।

कोविड पॉजिटिव निकला नाबालिग आरोपी
दो नाबालिग आरोपियों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया। लेकिन थाने में तब हड़कंप मच गया जब एक नाबालिग आरोपी कोविड-19 पॉजिटिव आ गया। इसके बाद दुर्ग कोतवाली प्रभारी को पूरे थाने को सैनिटाइज कराना पड़ा। आरोपी को पकडऩे वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोविड-19 टेस्ट कराया। गनीमत इतनी रही कि कोई पॉजिटिव नहीं हुआ। लेकिन इस घटना के बाद से आस-पास के सभी थाना में दहशत का माहौल है। पुलिस अधिकारी व कर्मचारी अपराधियों को गिरफ्तार करने से कतराने लगे है।

11 स्टाफ करोना पॉजिटिव
दुर्ग जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे करीब 11 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए है। इसमें खुर्सीपार पदस्त उप निरीक्षक और एक आरक्षक का अस्पताल में भर्ती है। दोनों का उपचार चल रहा है। वहीं दुर्ग सीएसपी कार्यालय में पदस्थ 2 आरक्षकों का भी उपचार जारी है। अन्य प्रभावित स्टाफ आइसोलेट हैं।

कोविड सेंटर में विवाद, पुलिस जान जोखिम में डालकर पहुंच रही
कोविड संक्रमितों के लिए 10 सेंटर बनाए गए है। जहां कोरोना से संक्रमित लोगों का उपचार किया जा रहा। कई ऐसे स्थान है जहां कोरोना पॉजिटिव है उन्हें आइसोलेट किया गया है। आए दिन अस्पतालों में विवाद हो रहा है। व्यवस्था संभालने पुलिस आधी रात को पहुंच रही है। आश्चर्य की बात यह है कि उनके सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग के अला अधिकारियों द्वारा कोई इंतजाम नहीं किए गए है। अपने और परिवार की जान जोखिम में डालकर तैनात पुलिस अधिकारी और कर्मचारी वर्दी पहनकर ड्यूटी निभा रहे है।

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