ये क्या किसान का चेक बैंक ने ही गुमा दिया, अब भरो हर्जाना, फोरम का एकपक्षीय फैसला

Satya Narayan Shukla

Publish: Sep, 16 2017 09:44:30 (IST)

Durg, Chhattisgarh, India
ये क्या किसान का चेक बैंक ने ही गुमा दिया, अब भरो हर्जाना, फोरम का एकपक्षीय फैसला

मेहनत से फसल तैयार की, कटाई के बाद धान बेचकर जो कमाया उसका चेक बैंक खाते में जमा कर दिया। बैंक ने 15 हजार 120 रुपए का वह चेक गुम कर दिया।

दुर्ग. मेहनत से फसल तैयार की, कटाई के बाद धान बेचकर जो कमाया उसका चेक बैंक खाते में जमा कर दिया। बैंक ने 15 हजार 120 रुपए का वह चेक गुम कर दिया। इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक भिलाई ब्रांच, जिला सहकारी केनद्रीय बैंक बिलासपुर और सेवा सहकारी समिति भैंसदा (जांजगीर चापा) के शाखा प्रबंधकों को दोषी ठहराया गया है। इसपर फैसला सुनाते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने शाखा प्रबंधकों को आदेश दिया है कि वे मिलकर किसान को 50 हजार 120 रुपए का भुगतान करें। इसमें चेक की राशि पर नौ प्रतिशत ब्याज के साथ २५ हजार रुपए मानसिक कष्ट और 10 हजार वाद व्यय भी देना होगा।

भैंसदा सहकारी समिति खरीदी केंद्र

यह फैसला सेक्टर छह भिलाई निवासी धनंजय कुमार दुबे 44 वर्ष के परिवाद पर फोरम ने सुनाया है। धनंजय ने भैंसदा सहकारी समिति के खरीदी केंद्र पर धान बेचा था। वहां से मिले चेक को एसबीआई भिलाई ब्रांच में जमा किया था। जब रुपए खाते में नहीं आए तब बैंक से संपर्क किया। बैंक ने बताया कि चेक क्लीयरेंस के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासुपर को भेजा है। कई बार बात करने पर भी भुगतान नहीं हुआ तब परिवाद पेश किया।

फसल उगाने वाले किसान को मानसिक कष्ट क्यों

फैसले में जिला उपभोक्ता फोरम ने कहा कि बैंकिग कार्य उच्च स्तरीय सेवा है। चेक चोरी या गुम हो जाए तो अविलम्ब हितग्राही के खाते में चेक में अंकित रुपए करने चाहिए। एक किसान मेहनत से फसल उगाता है। उसकी देखभाल करता है। कटाई के बाद पसीना बहाकर मंडी ले जाता है। तब जाकर उसका मेहनताना मिलता है। चेक गुम होने से वह फसल की कीमत और उसपर मिलने वाले ब्याज से वंचित हो गया।

नहीं आए बैंक अधिकारी
फोरम ने बैंक का पक्ष जानने के लिए अनावेदक बैंक को नोटिस दिया था। इसके बाद भी सुनवाई में वे उपस्थिति नही हुए और जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया। इसे देखते हुए बैंक ने एकपक्षीय फैसला सुनाया।

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