छेडख़ानी के प्रकरण में पुलिस ने कर दी ये बड़ी गलती, विवेचना अधिकारी व CSP को नोटिस

छेडख़ानी के प्रकरण में भठ्ठी थाना पुलिस ने पीडि़ता से बिना जाति प्रमाण पत्र लिए एससी-एसटी एक्ट की धारा जोड़ दी। इस पर न्यायालय ने नोटिस जारी किया है।

By: Dakshi Sahu

Published: 19 Jan 2019, 03:29 PM IST

दुर्ग. छेडख़ानी के प्रकरण में भठ्ठी थाना पुलिस ने पीडि़ता से बिना जाति प्रमाण पत्र लिए एससी-एसटी एक्ट की धारा जोड़ दी। इस पर न्यायालय ने नोटिस जारी किया है। भिलाई नगर सीएसपी श्याम सुंदर शर्मा और विवेचना अधिकारी को इस मामले में जवाब प्रस्तुत करने कहा है।

धारा को किया विलोपित
बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश मंसूरअहमद ने बिना साक्ष्य के एफआइआर में लगाए गए धारा को विलोपित कर दिया। छेडख़ानी की धारा 354 के तहत विचारण के लिए प्रकरण को संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।

नहीं दिया जाति प्रमाण पत्र
भट्ठी पुलिस ने छेडख़ानी के प्रकरण में अभियोग पत्र विशेष न्यायाधीश मंसूरअहमद की अदालत में प्रस्तुत किया है। आरोप तय होने के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनुराग झा ने न्यायालय को बताया कि विवेचना अधिकारी ने प्रकरण में पीडि़ता का जाति प्रमाण पत्र नहीं लिया है।

विवेचना के दौरान एक व्यक्ति जिसका नाम किशोर सिंह उससे प्रमाण जब्त किया है। पुलिस ने उसे पीडि़ता का पिता बताया है। जबकि पुलिस को ऐसा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना था जिसमें पीडि़ता की जाति का उल्लेख हो। साथ ही पीडि़ता ने अपने शिकायत और धारा 164 के तहत हुए बयान में जाति का उल्लेख नहीं किया है।

यह है मामला
सेक्टर 4 में हुई छेडख़ानी की घटना में भठ्ठी पुलिस ने 22 वर्षीय पीडि़ता की शिकायत पर बाइक सवार युवक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि पीडि़त युवती काम पर जा रही थी। रास्ते में बाइक सवार युवक ने युवती को देखकर अश्लील हरकत की। युवती तेज गति से आगे बढ़ी तो युवक पीछे से हाथ पकडऩे लगा। युवती बचाव के लिए आवाज लगाई तो आसपास के लोगों ने बाइक सवार को पकड़ा।

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