अमीरों की सूची में भारतीय मतलब शोषण बढ़ रहा

अमीरों की सूची में भारतीय मतलब शोषण बढ़ रहा
India Rich List, the growing exploitation

Satyanarayan Shukla | Updated: 03 Oct 2016, 11:52:00 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के स्थापना दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू के कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित कर एकजुटता प्रदर्शित की गई।

भिलाई. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (डब्ल्यूएफटीयू) के स्थापना दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू के कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित कर एकजुटता प्रदर्शित की गई।  इस मौके पर यूनियन नेताओं ने मजदूरों की स्थिति और आंदोलनों पर चर्चा की। 

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन का हुआ गठन
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना 3 अक्टूबर 1945 को पेरिस में की गई थी। अपने 71 साल के कार्यकाल में पूरे विश्व में  समाजवादी सोच वाले संगठनों के द्वारा इस अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन का गठन किया गया था। पूरे विश्व में पूंजीपतियों के द्वारा कामगार वर्ग पर हमले हो रहे हैं। आजादी के समय जिन पूंजीपतियों का अस्तित्व तक नहीं था वे अब विश्व के सबसे बड़े पूंजीपतियों के रूप में उभर कर सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ दशकों में 80 प्रतिशत पूंजी 10 प्रतिशत लोगों के पास संग्रहित हो गई है।

विश्व के अमीरों में भारतीय भी शामिल
भारत में भी इस शोषण का व्यापक प्रभाव दिखाई देता है जो कि इस बात से स्पष्ट हो जाता है कि पूरे विश्व के 10 सबसे अमीर लोगों में हमारे देश के पूंजीपतियों का नाम भी शामिल हो रहा है। यह अपने आप में गंभीर शोषण की ओर इशारा करता है। जिस तरह से शोषण में तेजी आ रही है उसके विरोध में मजदूर आंदोलन में भी लगातार तेजी आ रही ह।ै भारत से लेकर ब्रिटेन तथा वियतनाम तक सभी देशों में मजदूर आंदोलन तेज हो रहे हैं । साथ ही प्रदर्शन भी लगातार किए जा रहे हैं। यह पूरे विश्व में इस शोषण के खिलाफ  लगातार बढ़ रहे विरोध का प्रतीक है।

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