पार्षदों के बाद विधायक ने की दुर्ग निगम कमिश्नर की कलेक्टर से शिकायत, बोले साहब के नहीं रहने से काम काज हो रहा प्रभावित

नगर निगम में सत्तापक्ष के पार्षदों के बाद अब विधायक अरुण वोरा ने भी कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन और स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है।

By: Dakshi Sahu

Published: 20 Sep 2020, 05:28 PM IST

दुर्ग. नगर निगम में सत्तापक्ष के पार्षदों के बाद अब विधायक अरुण वोरा ने भी कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन और स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। कांग्रेस के पार्षदों ने सोमवार को कथित तौर पर दफ्तर में मौजूद नहीं रहने और फोन नहीं उठाने के मामले को लेकर कमिश्नर और स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधायक वोरा और महापौर धीरज बाकलीवाल के समक्ष शिकायत की थी। अब विधायक ने इसकी शिकायत कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे से की है। विधायक ने कमिश्नर और स्वास्थ्य अधिकारी के दफ्तर में नहीं रहने से कामकाज प्रभावित होने की बात कही है।

विधायक अरुण वोरा ने पार्षदों की शिकायत के हवाले से बताया है कि निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन को शंकराचार्य हॉस्पिटल का नोडल अधिकारी बनाए जाने के बाद निगम कार्यालय में महज कुछ देर के लिए ही आते हैं। जनहित से संबंधित किसी भी कार्य के लिए फोन करने पर कमिश्नर शंकराचार्य हॉस्पिटल में होने का हवाला देकर काट देते हैं। बर्मन के दफ्तर में मौजूद न रहने के कारण नगर निगम के रूटीन काम प्रभावित हो रहे हैं। पार्षदों ने कहना कि शहर में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। सेनिटाइटेशन का कार्य शहर के सभी वार्डों में जरूरी है। होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड पेशेंट के घर से निकलने वाले कचरा सामग्री का प्रबंधन सावधानी से होना चाहिए, लेकिन यह काम सतर्कता से नहीं हो रहा है।

रूटीन के साथ मेंटेनेंस प्रभावित
विधायक ने पार्षदों के हवाले से बताया है कि कचरा ट्राली टूट-फूट चुके हैं। जिनका मेंटेनेंस कराना जरूरी है। इसके अलावा अमृत मिशन के लिए पूरे शहर में गड्ढे खोदे गए हैं जिन्हें पाटना जरूरी है। शहर में विकास कार्यों की मॉनिटरिंग करना आवश्यक है। कमिश्नर और स्वास्थ्य अधिकारी के दफ्तर में मौजूद न रहने से रूटीन के साथ ये कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।

गायब रहते हैं स्वास्थ्य अधिकारी
पार्षदों का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता भी दिन भर निगम से नदारद रहते हैं। जिसके कारण सफाई कार्य की मॉनिटरिंग, सफाई या सेनिटाइजेशन के लिए आवश्यक सामग्री की सप्लाई, कचरा ट्राली की टूट-फूट की मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालत ये है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड मरीजों के घर से निकले कचरे का कलेक्शन भी सतर्कता से नहीं हो पा रहा है।

विधायक ने यह रखी डिमांड
विधायक ने कलेक्टर से कहा कि निगम कमिश्नर को नगर निगम के मूल दायित्वों का निर्वहन करना जरूरी है। अगर उनकी ड्यूटी नोडल अधिकारी के रूप में लगाना आवश्यक है, तो नगर निगम में सभी कार्यों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करें ताकि शहर में विकास कार्यों सहित रूटीन के काम प्रभावित न हों। कलेक्टर ने इस पर सहमति जताते हुए उचित व्यवस्था का भरोसा दिलाया है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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