#Naxal Terror:नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के तार भिलाई से भी जुड़े रहे

बस्तर के घने जंगलों में सक्रिय नक्सली संगठन के लिए औद्योगिक नगरी भिलाई हमेशा से सुरक्षित जगह रहा है। भिलाई नक्सलियों का मुख्य शहरी नेटवर्क केंद्र माना जाता रहा है।

भिलाई. बस्तर के घने जंगलों में सक्रिय नक्सली संगठन के लिए औद्योगिक नगरी भिलाई हमेशा से सुरक्षित जगह रहा है। बीते एक दशक में भिलाई से न सिर्फ नक्सली साहित्य और हथियार बरामद हुए बल्कि नक्सली भी गिरफ्तार हुए है। औद्योगिक नगरी भिलाई नक्सलियों का मुख्य शहरी नेटवर्क केंद्र माना जाता रहा है।

देशभर की मान्यता प्राप्त यूनियंस सक्रिय

इसका मुख्य कारण यहां देशभर के श्रमिक भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के अलावा औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल बेल्ट) में कार्यरत हैं वहीं यहां देशभर की मान्यता प्राप्त यूनियंस सक्रिय और उनके प्रतिनिधि भी है। दूसरा कारण यहां लंबे समय से मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा का औद्योगिक क्षेत्र में सक्रिय रहना भी बताया जाता है।

पुरानी घटनाओं से सबक

सुकमा जिले के बुर्कापाल में सोमवार की दोपहर हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ  के 25 जवान शहीद हो गए थे। भिलाई में नक्सलियों से संबंधित कई पुराने मामले उजागर होने के बाद भी पुलिस अलर्ट नहीं है। पुलिस को पुरानी घटनाओं से सबक लेना चाहिए।

पहुंच मार्ग भी आसान

बता दें कि नक्सली विचारधारा वाली यूनियंस नक्सलियों की अपरोक्ष रूप से समर्थक मानें जाते है। वहीं भिलाई शहर नक्सल प्रभावित पड़ोसी जिलों बालोद (दल्लीराजहरा, मानपुर मोहला) धमतरी, कांकेर सहित बस्तर से लगा हुआ है। पहुंच मार्ग भी आसान है। नक्सलियों को जरुरत की सामानों के अलावा आवश्यक दवाइयां भी यहां से उपलब्ध कराए जाते रहे है।

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कुआं और तालाब में मिले थे हथियार
बता दें कि वर्ष 2009-10 में भिलाई-तीन थाना क्षेत्र के  चरोदा मुक्तिधाम के समीप खेत पर स्थित कुएं में 12 बोर बंदूक के कारतूस मिले थे। इसके दूसरे-तीसरे दिन ही पथर्रा गांव के तालाब में भी भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुआ था। भिलाई-तीन थाना के तात्कालीन टीआई राजेश जोशी ने बताया कि मुक्तिधाम के समीप स्थित कुएं में मछली मारते समय बोरे में बंद हथियार मिले थे। मछुआरों ने बोरे को घर ले गए थे। घर में बोरे को खोलकर देखने पर कारतूस होने के बाद मछुआरों में उसे तालाब में छिपा दिए थे। जिसे बाद में बरामद किया गया था।

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सुपेला थाना क्षेत्र से महिला नक्सली गिरफ्तार

भिलाई नगर के सुपेला थाना क्षेत्र के फरीद नगर से महिला नक्सली को गिरफ्तार किया था। वह महिला नक्सली नेटवर्क से लंबे समय से जुड़ी हुई थी।

जामुल थाना क्षेत्र में एनकाउंटर

शहरवासियों को उस शमय हैरानी हुई थी जब पुलिस ने शहर से नेटवर्क का संचालन करने वाली दंपती को जामुल थाना क्षेत्र से एनकाउंटर किया था। उस समय महिला नक्सली मालती को उसके पति के साथ एनकाउंटर किया था।

महिला वकील का पति पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

भिलाई निवासी महिला वकील रेखा पगरनिहा के पति दीपक परगनिहा को नक्सली गतिविधियों में शामिल होने और उसे मदद करने के आरोप में एनआईए की टीम ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। उस दौरान  शहर से नक्सली संगटनों के तार जुड़े होने की चर्चा भी आम थी।

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जेके लक्ष्मी सीमेंट फैक्ट्री में चार अप्रैल 2103 को भीषण अग्निकांड

नंदिनी अहिवारा थाना क्षेत्र के ग्राम मलपुरी खुर्द में जेके लक्ष्मी सीमेंट फैक्ट्री में चार अप्रैल 2103 को भीषण अग्निकांड हुई थी। कंपनी प्रबंधन ने काम से निकाले श्रमिकों को जो अपनी बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन करने वाले श्रमिकों पर ही आग लगाने का आरोप लगाया था। उस समय आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विरेंद्र कुर्रे को पांच अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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नक्सली साहित्य रखने के आरोप में विरेंद्र गिरफ्तार

इसके बाद आठ अप्रैल को उसके घर से छापेमारी कर नक्सली साहित्य बरामद किया था। पुलिस ने उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ जन सुरक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार जेल भेज दिया था। वहीं कपंनी प्रबंधन ने आगजनी में करोड़ों रुपए  की मशीनरी जल जाने का दावा किया था।

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भिलाई तीन थाने के समीप हार्डवेयर का दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने कुछ साल पहले नक्सलियों को सामान सप्लाई एवं मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार दुकान संचालक नक्सलियों को गैती, फावड़ा, नट-बोल्ट सहित विस्फोटक सामग्री को छिपाने में काम आने वाली चीजों की सप्लाई करता था।

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Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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