पिता का जिगरी दोस्त निकला दगाबाज, पढि़ए कैसे रची मासूम मौलिक के अपहरण की साजिश पर कर दी ये बड़ी गलती

पिता का जिगरी दोस्त निकला दगाबाज, पढि़ए कैसे रची मासूम मौलिक के अपहरण की साजिश पर कर दी ये बड़ी गलती
पिता का जिगरी दोस्त निकला दगाबाज, पढि़ए कैसे रची मासूम मौलिक के अपहरण की बड़ी साजिश पर कर दी ये बड़ी गलती

Dakshi Sahu | Updated: 22 Aug 2019, 09:11:38 AM (IST) Durg, Durg, Chhattisgarh, India

अपहरणकर्ताओं (Kidnappers) के चंगुल से बचा कर चार साल के मासूम मौलिक को लेकर पुलिस के आला अधिकारी आधी रात उनके घर पहुंचे तो पूरे परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। (Durg police)

दुर्ग. अपहरणकर्ताओं (Kidnappers) के चंगुल से बचा कर चार साल के मासूम मौलिक को लेकर पुलिस के आला अधिकारी आधी रात उनके घर पहुंचे तो पूरे परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लेकिन इसके पहले पूरे परिवार के लिए 17 घंटा कितना पीड़ादायक और कठिन था इसे कोई भी माता पिता महसूस कर सकते हैं। मौलिक धनोरा निवासी चंद्रशेखर साहू और छायारानी साहू का इकलौता चिराग है। इकलौते बेटे के अपहरण (kidnapping) की घटना से पूरा परिवार सदमे की हालत में था। चंद्रशेखर साहू ने पत्रिका से अपनी पीड़ा इस तरह शेयर की।

(Durg police)

खाना तक नहीं खाया
बेटे के अपरहण (kidnapping in Durg) की घटना से वह विचलित हो गया था। उसकी पत्नी रह-रह कर बेटे का नाम पुकार कर रोती थी। तरह-तरह की आशंका-कुशंका से मन घबराता था। मंगलवार को घर में खाना ही नहीं बना। पड़ोसियों ने खाना लाकर दिया पर खाने का मन ही नहीं हुआ। मौलिक के दादा परिवार के सदस्यों को ढाढस जरुर बंधा रहे थे, लेकिन वे भी बार बार डबडबाई आंखें पोंछ रहे थे। रात में फिर पड़ोसियों ने खाना खाने की जिद की। रात 10 बजे खाना खाने बैठे। रात में जहां पर खाना खाने बैठे तो वहां से उठे नहीं। पूरा परिवार वहीं बैठा रहा।(Durg police)

रोते हुए मां बोली, मेरे बेटे का दूसरा जन्म
साहू ने बताया कि देर रात घर के सामने से गाडिय़ों की आवाज आई तो मन घबरा गया। दरवाजा आधा खुला था। पुलिस अधिकारी मौलिक को लेकर अंदर आए तो उस समय की स्थिति मैं बता नहीं सकता। मेरी पत्नी छायारानी पुलिस अधिकारी के हाथ से बच्चे को लेकर फूट-फूट कर रोने लगी। उसके मुंह से बेटे को देखकर एक ही शब्द निकला मेरे बेटा का यह दूसरा जन्म है। रात में मौलिक कुछ देर बात करता रहा फिर अपनी मां के सीने से लिपट कर सो गया।

सुबह मौलिक (maulik kidnapping case Durg ) की नींद खुली तो उसकी मां छायारानी ने उससे पूछा कि उसे कौन ले गया था। मौलिक ने सिर्फ इतना कहा कि उसे गंदा अंकल उठा कर ले गया था, जिसे वह नहीं पहचानता। मौलिक ने यह भी कहा कि उसे एक आंटी ने डाटा भी। बाद में उसी ने उसे खाना भी दिया। जिसे उसने खाया। उसे कहां रखे थे, इस बारे में वह कुछ नहीं बता सका।

मौलिक को बुखार
साहू ने बताया कि मौलिक का शरीर सुबह से गर्म था। वे दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे थे। वापसी के दौरान मौलिक को उल्टी हुई। उसे बुखार तेज हो गया। शाम 7 बजे मौलिक को अस्पताल ले गए। हालांकि डॉक्टर ने बच्चे की स्थिति को सामान्य बताया है।

हलषष्ठी का व्रत रखा
छायारानी ने कहा कि उसे ईश्वर और पुलिस पर पूरा भरोसा था कि सूरज निकलने से पहले उसका खोया लाल वापस मिल जाएगा। वह हल षष्ठी का व्रत रखती है। संयोग से बुधवार को ही हलषष्ठी थी। माताएं यह व्रत संतान की लंबी उम्र के लिए रखती है। अपहरणकर्ता पुलिस को लगातार चुनौती दे रहे हैं। घटना को अंजाम देने तीन अपहरणकर्ता होने की बात सामने आई। बाद में मिले फुटेज में दो नकाबपोश नांदगांव की ओर जाते हुए कैमरे ने 9.40 बजे कैद हुए। इस तरह पुलिस की नाकेबंदी होने से पहले ही अपहरणकर्ता शहर छोड़ चुके थे।

आईजी हिमांशु गुप्ता ने बच्चे को बरामद करने की पूरा घटनाक्रम मीडिया को बताया। उनके निर्देश पर पुलिस की 25 अलग अलग टीम गठित की। तीन टीमें इलेक्ट्रानिक सर्विलेंस में काम की, वहीं अन्य टीम अलग अलग दिशा में सर्चिंग कर आरोपियों तक पहुंचने क्लू तलाशती रही। अपहरण के समय लाल रंग के बाइक पर तीन लोग सवार थे। पुलिस की विवेचना में खुलासा हुआ कि मौलिक को शहर से बाहर ले जाने में दो अपहरणकर्ताओं का हाथ है। इसके बाद पुलिस ने मासूम को ढूढ़ निकालने के लिए पूरी ताकत लगा दी।

बच्चे के अपहरण के मामले में पुलिस एक और बड़ी कामयाबी के करीब पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने बुधवार को देर रात तीन संदेहियों को हिरासत में लिया है। तीनों से भिलाई के एक थाने में पूछताछ की जा रही है हालांकि पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है। जिन तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें एक बच्चे के पिता चंद्रशेखर साहू का जिगरी दोस्त राजा साहू बताया गया है। वह उसका पड़ोसी है और उसका चंद्रशेखर के घर आना जाना है।

 

पिता का जिगरी दोस्त निकला दगाबाज, पढि़ए कैसे रची मासूम मौलिक के अपहरण की बड़ी साजिश पर कर दी ये बड़ी गलती

संदेह में पीडि़त का जिगरी दोस्त
दो अन्य संदेहियों में ग्राम कोपेडीह (सोमनी) निवासी चंद्रेश साहू और बोरसी का हेमू साहू शामिल है। कुंदन नामक एक और युवक की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि बच्चे का अपहरण कर कोपेडीह में रखा गया था। पता चला है कि पुलिस कोपेडीह के चंद्रेश की पत्नी से भी पूछताछ कर रही है। बच्चे ने एक आंटी के डांटने व बाद में बिस्कुट देने का जिक्र किया था। पुलिस को संदेह है वह महिला चंद्रेश की पत्नी हो सकती है। जिस कुंदन की तलाश की जा रही है वह क्रिकेट का सटोरिया है। अपहरण में इन्हीं चारों के हाथ होने का संदेह है।

आईजी ने की अपील
आईजी हिमांशु गुप्ता ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने घरों और व्यापारिक केन्द्र में सीसी टीवी कैमरा जरूर लगाएं। कैमरा ऐसा लगाएं कि आसपास का क्षेत्र कवर हो। बोरसी क्षेत्र के नागरिकों ने कंट्रोल रुम पहुंचकर पुलिस को बधाई दी।

राजा पर इसलिए संदेह
चंद्रशेखर साहू के इकलौते बेटे का अपहरण हो गया और जिगरी दोस्त राजा साहू पूछने तक नहीं आया। इसलिए पुलिस को उस पर शक है। बताते हैं चंद्रशेखर व राजा एक साथ आते जाते हैं। चंद्रशेखर के चार करोड़ की जमीन बेचने की जानकारी राजा को है। उसने रजिस्ट्री में भी सहयोग किया था। इतनी बड़ी घटना के बाद भी वह दोस्त के घर नहीं आया। उसे पुलिस ने बोरसी से हिरासत में लिया। पुलिस को शक है कि फिरौती के लिए अपहरण किया था।

अपहरणकर्ता स्थानीय
एसपी प्रखर पांडेय ने बताया कि मासूम सोमनी थाना के निकट मिला। तब वह बिलकुल अकेले था। अपहरणकर्ता स्थानीय है और आसपास क्षेत्र के है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। (Durg police)

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