15 दिन से बिजली कर्मियों के हड़ताल से दुर्ग शहर में अंधेरा, कई महीनों से नहीं मिला वेतन, जवाबदारों ने साधी चुप्पी

स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस करने वाले कर्मचारी वेतन नहीं मिलने के कारण 31 अगस्त से हड़ताल पर हैं। इसके चलते बंद पड़े 1800 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस नहीं हो रहा है।

By: Dakshi Sahu

Published: 16 Sep 2020, 02:11 PM IST

दुर्ग. स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस करने वाले कर्मचारी वेतन नहीं मिलने के कारण 31 अगस्त से हड़ताल पर हैं। इसके चलते बंद पड़े 1800 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस नहीं हो रहा है। आंदोलन के 15 दिन बाद भी निगम प्रशासन द्वारा मामले के निपटारे और स्ट्रीट लाइट की मरम्मत की व्यवस्था नहीं किए जाने पर भाजपा पार्षद दल की नाराजगी सामने आई है। भाजपा पार्षद दल की ओर से नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने मामले को लेकर विधायक अरुण वोरा और महापौर धीरज बाकलीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि शहर अंधेरे में डूबा है और लोग परेशान हो रहे हैं, लेकिन विधायक और महापौर को इससे फर्क ही नहीं पड़ रहा।

कई महीनों से नहीं मिला वेतन कर्मियों को
बता दे कि राज्य शासन द्वारा स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ इसके मेंटेनेंस के लिए ईएसएलएल नामक कंपनी को अधिकृत किया है। कंपनी ने मेंटेनेंस के लिए करीब एक दर्जन कर्मचारी रखे हैं। ये कर्मचारी शिकायत के आधार पर स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस करते हैं, लेकिन इन्हें कई महीनें से कंपनी द्वारा वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा। इससे नाराज कर्मियों ने 31 अगस्त से काम बंद कर दिया है।

1800 से ज्यादा लाइट बंद, हर दिन दर्जनभर शिकायत
ईएसएलएल कंपनी द्वारा 16 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट लगाया गया है। शर्त के अनुसार अगले 5 साल तक कंपनी को स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस भी करना है। निगम सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल 1800 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट खराब है, वहीं हर दिन करीब दर्जनभर शिकायतें आ रही है, लेकिन पिछले 15 दिन से कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण मेंटेनेंस का काम बंद है।

आयुक्त ने लिखा शासन को पत्र
निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन ने इस मामले में राज्य शासन को पत्र भी लिखा है। जिसमें कर्मचारियों के हड़ताल के कारण उपजे हालातों की जानकारी देकर कंपनी को वेतन भुगतान और मेंटेनेंस का काम करने निर्देशित करने कहा गया है। विपक्षी पार्षदों ने कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन का ज्ञापन सौंपकर इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया था। इसके बाद निगम कमिश्नर ने नगरीय प्रशासन के संचालक को पत्र लिखा है।

भाजपा पार्षद दल का सत्तापक्ष पर यह आरोप
भाजपा पार्षद दल की ओर से नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने मामले में सत्तापक्ष की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि शहर के अंधेरे में डूबे होने और जनता की परेशानी से विधायक व महापौर को कोई लेना देना नहीं है। सड़कों पर अंधेरे के कारण दुर्घटना बढ़ी है वहीं आउटर इलाकों में चोरी की घटनाएं बढ़ गई है। निगम में 20 वर्षों में पहली बार यह स्थिति बनी है। दूसरी ओर विधायक व महापौर कोई बी पहल नहीं कर रहे।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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