बेंगलूरु में गर्लफ्रेंड को घुमाने के लिए गैंगस्टर तपन करता था जिस लग्जरी कार का इस्तेमाल वो मिला लावारिस

बेंगलूरु में गर्लफ्रेंड को घुमाने के लिए गैंगस्टर तपन करता था जिस लग्जरी कार का इस्तेमाल वो मिला लावारिस

Dakshi Sahu | Publish: Sep, 16 2018 11:50:57 AM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 11:50:58 AM (IST) Durg, Chhattisgarh, India

तपन सरकार बेंगलूरु में जिस कार में अपनी गर्लफे्रंड को घुमाता था, वह कुम्हारी में लावारिस मिली। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया।

भिलाई. तपन सरकार बेंगलूरु में जिस कार में अपनी गर्लफे्रंड को घुमाता था, वह कुम्हारी में लावारिस मिली। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया। कार का रजिस्ट्रेशन बलौदा बाजार निवासी कार्तिज्ञ अग्रवाल के नाम से है। पुलिस ने पूछताछ के लिए अग्रवाल को बुलावा भेज दिया है।

कुम्हारी थाना टीआई योगिता बाली खापर्डे ने बताया कि ६ सितम्बर को शंकर नगर में कार लावारिस खड़ी मिली थी। यह वही कार ( सीजी २२ एसी ६६३४ ) है, जिसमेंं अक्टूबर २०१७ में इलाज कराने बेंगलूरुगया तपन अपनी गर्लफ्रेंड को घुमाता था। मुंबई में रहने वाली अपनी दूसरी गर्लफ्रेंड से मिलने इसी कार से गया था।

एक कार लावारिस मिली
इस बात का खुलासा जेल में बंद तपन के गुर्गे रणजीत सिंह ऊर्फ राणे ने पूछताछ में किया था। उसने कार का जो नंबर बताया था यह यही कार थी। पुलिस के मुताबिक राणे तपन का मुख्य सहयोगी है। वह लोगों को डरा धमकाकर तपन के इलाज के लिए पैसे वसूली करता था। आईजी जीपी सिंह ने बताया कि कुम्हारी में एक कार लावारिस मिली है। कार से राणे बेंगलूरु गया था। कार को जब्त कर लिया गया है। उसकी जांच कराई जा रही है।

आईजी के जांच प्रतिवेदन भेजने के बाद हुआ स्थानांतरण

केंद्रीय जेल दुर्ग के जेलर विजयानंद का स्थानांतरण हो गया है। उनके कार्यकाल में गैंगस्टर तपन सरकार पर जेल से क्राइम नेटवर्क चलाने का मामला सुर्खियों में आया था। जेल में गैंगस्टर को मोबाइल से लेकर अन्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने का मामला उजागर होने के बाद से जेलर विजयानंद को हटाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। उनके तबादले को इससे जोड़कर देखा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि आईजी के प्रतिवेदन को आधार बनाकर जेलर टीएन सिंह का स्थानांतरण जशपुर पहले ही कर चुके हैं। दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक जीपी सिंह ने जेल के अंदर गैंगस्टर को संरक्षण देने के मामले में जेल एवं गृह विभाग को साक्ष्य के साथ प्रतिवेदन भेजा था।

जेलर का भी नाम आया था सामने
इसमें विजयानंद का नाम भी शामिल होना बताया जा रहा है। प्रतिवेदन भेजने के एक माह के भीतर विजयानंद को स्थानांतरित किए जाने से जेल स्टाफ सकते हैं। अब प्रतिवेदन में आरोपों के दायरे में आए अन्य जेल कर्मियों का तबादला भी तय माना जा रहा है।

जेल में रहने वाले कुख्यात आरोपी द्वारा जेल के अंदर से कारोबार करने का संकेत आईजी जीपी सिंह ने पहले ही दे दिया था। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने जेल के अंदर जांच करने योजना भी बनाई, लेकिन अलसुबह जेल पहुंची टीम को घंटों इंतजार के बाद भीतर प्रवेश दिया गया। इसके बाद से जेल के अंदर व बाहर आने जाने वालों पर पुलिस नजर रखने लगी।

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