धान खरीदी से पहले सरकार का सख्त कदम, इस बार मिलर्स नहीं ला सकेंगे दूसरे प्रदेशों से धान, आयात पर लगाया प्रतिबंध

धान खरीदी की अवधि के दौरान प्रदेश की सीमा से लगे राज्यों से सस्ते दर पर धान समर्थन मूल्य पर खरीदी केंद्रों में खपाए जाने की आशंका रहती है।

By: Dakshi Sahu

Published: 22 Nov 2020, 04:25 PM IST

दुर्ग. जिले में इस बार दूसरे प्रदेश से धान नहीं लाया जा सकेगा। समर्थन मूल्य पर खरीदी केंद्रों में बाहरी धान खपाए जाने की आशंका को देखते हुए धान के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस दौरान प्रदेश के राइस मिलर्स के अलावा व्यापारी अथवा कमीशन एजेंट के अलावा कोई भी व्यक्ति धान नहीं ला सकेंगे। खाद्य एवं नागरिका आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र में बताया गया है कि धान खरीदी की अवधि के दौरान प्रदेश की सीमा से लगे राज्यों से सस्ते दर पर धान समर्थन मूल्य पर खरीदी केंद्रों में खपाए जाने की आशंका रहती है। इस बार धान खरीदी एक दिसंबर से किया जाएगा। इसके बाद समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का अप्रैल तक निपटान किया जाना है। इसलिए इस अवधि में प्रदेश में ली जाने वाली धान की किस्मों के आयात पर प्रतिबंध रखा जाएगा।

जरूरी हुआ तो लेनी होगी अनुमति
बेहद जरूरी होने पर विशेष अनुमति से ही दूसरे प्रदेश से धान मंगाया जा सकेगा। इसके लिए मिलर, व्यापारी अथवा संबंधित व्यक्ति को धान की मात्रा, किस्म, विक्रयकर्ता फर्म अथवा व्यक्ति, मूल्य, भंडारण का स्थल, रेल अथवा सड़क सहित परिवहन मार्ग की विस्तृत जानकारी खाद्य नियंत्रक के पास जमा करानी होगी।

सुपर क्वालिटी पर बंदिश नहीं
प्रदेश में अधिकतम 1860 रुपए समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी होती है। इस रेंज के आसपास के क्वालिटी पर आयात पर प्रतिबंध लागू होगा, लेकिन 1900 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक कीमत वाले सुपर फाइन किस्म के आयात पर बंदिश लागू नहीं होगा। इसके आयात से एक सप्ताह पहले संबंधित खाद्य नियंत्रक को सूचना जरूरी होगा।

इसलिए लगाया बाहरी धान पर प्रतिबंध खरीदी में बाहरी धान पर रोक

- दूसरे प्रदेशों से कम कीमत पर धान लाकर किसानों के नाम से समर्थन मूल्य पर खपाए जाने के कई मामलों का खुलासा हो चुका है।

मिलिंग से जल्द निपटान
- खरीदी के साथ ही धान की मिलिंग करना होता है। यह कार्य मिलर्स से कराया जाता है। बाहरी धान मिलने से मिलर्स इसमें ध्यान नहीं देते।
चावल में गड़बड़ी पर रोक
- कस्टम मिलिंग के बाद मिलिंग चार्ज का चावल काटकर मिलर्स को चावल नागरिक आपूर्ति निगम को लौटाना होता है। इसमें अच्छे किस्म का धान उठाकर बाहरी धान से खराब चावल निकालकर खपाए जाने की शिकायत रहती है। सीपी दीपांकर खाद्य नियंत्रक दुर्ग ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को देखते हुए दूसरे प्रदेशों से धान के आयात पर रोक लगाई गई हैै। मिलर्स के स्टॉक का सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि बाहरी धान लाए जाने की संभावना पर रोक लगाई जा सके।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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