कोरोनाकाल में ट्विनसिटी के युवाओं ने पेश की सेवा की अनोखी मिसाल, आपस में चंदा कर हर दिन कर रहे 300 परिवारों को मदद

Coronavirus in Chhattisgarh: कोरोना से उपजे संकट के हालातों में शहर के दर्जनभर से ज्यादा युवा सेवा और सहयोग का अद्भुत मिसाल पेश कर रहे हैं। ये युवा आपस में चंदा कर हर दिन 250 से 300 परिवारों को मदद पहुंचा रहे हैं।

By: Dakshi Sahu

Updated: 03 May 2021, 05:57 PM IST

दुर्ग. कोरोना से उपजे संकट के हालातों में शहर के दर्जनभर से ज्यादा युवा सेवा और सहयोग का अद्भुत मिसाल पेश कर रहे हैं। ये युवा आपस में चंदा कर हर दिन 250 से 300 परिवारों को मदद पहुंचा रहे हैं। युवाओं की मदद में फल, सब्जी, राशन सामग्री, दवाई, मेडिकल उपकरण से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर और अस्पताल में भर्ती कराना भी शामिल हैं। इस टीम में विद्यार्थी व अलग-अलग कारोबार से जुड़े युवा शामिल हैं। कोरोना संक्रमितों की सेवा में लगे युवा जयंत देशमुख, गुरदीप भाटिया, अहमद चौहान व हेमंत साहू ने बताया कि शुरूआत में अपने ही साथियों व जान-पहचान के लोगों के कोविड पीडि़त होने पर जरूरत का सामान उपलब्ध करवाया।

इस दौरान समझ में आया है कि लोगों को कोरोना संक्रमण के बाद बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एक दो लोगों परिवारों से शुरू सेवा कार्य को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान आर्थिक संकट की स्थिति भी सामने आई। इसके तोड़ के रूप में सेवा कार्य से जुड़े मित्र मंडली में शामिल सभी लोगों से अंशदान के रूप में राशि लेने का फैसला किया गया। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह भर से हर दिन 250 से 300 लोगों को किसी ने किसी रूप में सहायता पहुंचाई जा रही है। इस कार्य में रविकान्त, अरविंद सरकार, विरेंद्र पाल, शेख बसर, सेंटी दास, संतोष देवांगन भी मदद कर रहे हैं।

शहर ही नहीं गांवों में भी सेवा
युवाओं ने बताया कि शहर के साथ-साथ गांवों के जान पहचान वाले लोगों से भी लगातार सहायता की मांग आ रही है। इसलिए केवल शहर तक सीमित न रहते ही गांवों में भी जरूरतमंदों को सामग्री पहुंचाई जा रही है। ग्रामीण इलाकों से संक्रमण से बचाव के लिए दवाइयों की डिमांड आ रही है। एक दिन पहले ही अहिवारा में करीब 250 परिवारों को राशन और सब्जियां वितरित की गई।

कार का एम्बुलेंस की तरह इस्तेमाल
युवाओं ने बताया कि उनके एक साथ की कार को एम्बुलेंस की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें दो ऑक्सीजन का सिलेंडर रखा गया है। डिमांड के अनुसार ऑक्सीजन सिलेंडर लोगों को उपलब्ध कराया जाता है, वहीं जिन मरीजों को अस्पताल जाना-आना होता है, उनके लिए कार का इस्तेमाल किया जाता है।

दवाइयां और ऑक्सीमीटर भी
युवाओं ने बताया कि शासन द्वारा लोगों को निरोग किट बांटने से पहले सबसे ज्यादा डिमांड दवाइयों की आ रही थी। इस पर बड़ी संख्या में लोगों को मेडिकल से दवाई खरीदकर उपलब्ध कराया गया। वहीं करीब 300 से 400 ऑक्सीमीटर भी लोगों को वितरित किया गया। युवाओं ने बताया कि लाकडाउन में रियायत के बाद चौक-चौराहों में मास्क वितरण शुरू करने की योजना है।

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