गृह मंत्री के क्षेत्र में अवैध मुरुम खनन का जमकर कारोबार, निजी वाहनों में ऑन PWD वर्क लिखकर अवैध परिवहन का खेल
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के बोरई व पोटिया इलाके में मुरुम खदान स्वीकृति के बिना नियमों को ताक पर रखकर खेतों में अवैध खुदाई की जा रही है।

दुर्ग. गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के विधानसभा क्षेत्र में अवैध मुरुम का कारोबार जमकर चल रहा है। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के बोरई व पोटिया इलाके में मुरुम खदान स्वीकृति के बिना नियमों को ताक पर रखकर खेतों में अवैध खुदाई की जा रही है। बिना लीज, शासन को रायल्टी के रूप में मिलने वाली लाखों की राशि का चूना लगाकर मुरुम बोरई-पोटिया मार्ग के चौड़ीकरण में खपाया जा रहा है। शासन ने उपयोगी जमीन और पर्यावरण को नुकसान को देखते हुए मुरुम खदानों पर रोक लगा रखी है। शासन की इस बंदिश की जिले में जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। शासन के नियमों को ताक पर रखकर न सिर्फ मैदानों और निजी खेतों में खुलेआम अवैध खदान संचालित किए जा रहे हैं, बल्कि इससे पर्यावरण के साथ रायल्टी के रूप में शासन को लाखों क्षति पहुंचाई जा रही है। दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी अवैध खनन व परिवहन को रोकना तो दूर सूचना के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
हर दिन 300 हाइवा मुरुम का खनन
बोरई के ग्रामीणों के मुताबिक ठेकेदार द्वारा चेन माउंटेन व दर्जन भर से ज्यादा हाइवा लगाकर 24 घंटे मुरुम की खुदाई की जा रही है। हर दिन करीब 300 हाइवा मुुरुम निकाल कर सड़क में खपाया जा रहा है। इलाके में कई खेतों व मैदानों से इसी तरह मुरुम निकाला जा चुका है।
ऑन पीडब्ल्यूडी वर्क के नाम पर खेल
बोरई व पोटिया इलाके के खेतों व मैदानों से अवैध खनन किया जा रहा है। परिवहन में लगे वाहनों में ऑन पीडब्ल्यूडी वर्क यानि पीडब्ल्यूडी के कार्य में संलग्न की तख्ती लगाकर चलाया जा रहा है। इससे लोगों को सरकारी वाहन होने का भ्रम हो रहा है। इसका फायदा उठाकर लगातार अवैध मुरुम परिवहन किया जा रहा है।
कोरोना के बहाने एक साल से कार्रवाई नहीं
अवैध मुरुम खनन व परिवहन का कारोबारा साल भर से चल रहा है। बोरई पोटिया के अलावा अन्य इलाकों की शिकायत कलक्टोरेट तक पहुंच चुकी है। लेकिन कोरोना काल का हवाला देकर अफसर कार्रवाई से बचते रहे हैं। अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ करीब एक साल से उल्लेखनीय कार्रवाई नहीं हुई है।
यहां भी हो रहा अवैध मुरुम खनन मतवारी-रिसामा सहित दर्जनभर गांव के खेतों में
मतवारी व रिसामा के आसपास लगभग सभी गांवों में अवैध मुरुम खनन किया जा रहा है। अंडा- रिसामा के बीच मैदान खनन के कारण गड्ढों में तब्दील हो गया है। इसके अलावा आसपास के दर्जनभर गांवों में खेतों के गहरीकरण के नाम पर बैक-हो लोडर और डंपर लगाकर मुरुम की खुदाई की जा रही है।
बोरई-अंजोरा ढाबा मार्ग में सड़क के किनारे खाई
बोरई-अंजोरा ढाबा पहुंच मार्ग में भी अवैध मुरुम खनन की सिकायत सामने आई है। यहां के ग्रामीणों ने सप्ताहभर पहले ही कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। यहां सड़क पर मुरुम डालने के लिए ठेकेदार ने उसी सड़क के किनारों को खोदकर खाई बना दिया है। ठेकेदार ने पुराने जलाशय और पौधरोपण के लिए छोड़े गए जगह को भी नहीं छोड़ा है। इस मामले में भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
कार्रवाई की मांग करेंगे
पद्मा साहू सरपंच बोरई ने बताया कि ठेकेदार द्वारा पंचायत में आवेदन दिया गया है, लेकिन अनुमति सचिव के अनुपस्थित होने की वजह से नहीं मिली है। वर्तमान में पंचायत सचिव हड़ताल पर है। बिना अनुमति खुदाई अनुचित है। कार्रवाई की मांग की जाएगी।
रटा रटाया और गोलगोल जवाब
दीपक तिवारी खनिज निरीक्षक दुर्ग ने बताया कि अवैध मुरुम खनन की जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से संज्ञान में आया है। जल्द इस मामले की जांच की जाएगी। अवैध खनन पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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