550 मीटर लंबा और 20 फीट ऊंचा तालाब का पार खोदकर मुरुम ले गए माफिया, ग्रामीणों ने कहा सब मिले हुए हैं साहब

ग्रामीणों ने मामले में खनिज विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के मुरुम माफिया से मिलीभगत के आरोप लगाते हुए जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

By: Dakshi Sahu

Published: 04 Oct 2021, 04:10 PM IST

दुर्ग. दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत अरसनारा के दो तालाबों का 550 मीटर लंबा और 50 फीट ऊंचा पार को मुरुम माफिया खोदकर ले गए। महीनेभर में दिन-रात चेन माउंट मशीन और हाइवा लगाकर खुलेआम मुरुम खनन किया गया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अब कलेक्टर से की है। ग्रामीणों ने मामले में खनिज विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के मुरुम माफिया से मिलीभगत के आरोप लगाते हुए जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

जिले में मुरुम माफिया की सक्रियता फिर बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लगे गांवों के तालाबों को ये मुरुम माफिया निशाना बनाते रहे हैं। इससे पहले तक मैदानों को खोदकर खाई बनाया जा रहा था। अब प्रशासन की अनदेखी के चलते मुरुम कारोबार से जुड़े लोग ग्रामीण व्यवस्था के तहत बेहद उपयोगी तालाबों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। अरसनारा के ग्रामीणों के मुताबिक खनिज विभाग के अफसरों, पंचायत के सरपंच व सचिव के संरक्षण में तालाबों के पार (बंड) की खुदाई की गई है। शिकायत करने वालों में छोटूराम साहू, डुलेश्वर कुमार, प्रवीण कुमार, तामेश्वर निषाद, करण जांगड़े, रामचंद निषाद, फागूलाल, अशोक कुमार शामिल हैं।

550 मीटर लंबा और 20 फीट ऊंचा तालाब का पार खोदकर मुरुम ले गए माफिया, ग्रामीणों ने कहा सब मिले हुए हैं साहब

न अनुमति न ही रायल्टी
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में सरपंच और सचिव ग्रामीणों को मुरुम से पंचायत को रायल्टी मिलने का झांसा देते रहे, लेकिन अब सीधे तौर पर इससे इनकार किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच और सचिव मुरुम खनन के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं होने और न ही रायल्टी पर्ची की आवश्यकता की बात कह रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक एक माह में एक भी रायल्टी पर्ची नहीं काटी गई है।

भेजा वीडियो लेकिन कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखे शिकायत पत्र में बताया कि पूर्व में खनिज विभाग के अधिकारियों के समक्ष फोन पर इसकी शिकायत की गई थी। अधिकारियों को अवैध खनन के संबंध में वीडियो व फोटोग्राफ्स भी भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद से सचिव ने भी पंचायत में लगभग आना ही बंद कर दिया है। इससे लोग अन्य योजनाओं के लाभ के लिए भटक रहे हैं।

पहले काट दिया सैकड़ों उपयोग पेड़
ग्रामीणों ने बताया कि खनिज विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों की मिलीभगत से अरसनारा में मुरुम खनन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले ग्राम के छोटे व बड़े डबरी से भी इसी तरह मुरुम खुदाई कर लिया गया। मुरुम खुदाई से पहले करीब एक सैंकड़ा छोटे-बड़े बबूल के पेड़ों काट दिया गया था। इन पेड़ों की लकड़ी भी अवैध रुप से परिवहन कर लिया गया। इसकी भी शिकायत की गई लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई।

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